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Bengal News : खड़गपुर. पश्चिम मेदिनीपुर जिले में चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के आरोपों की जांच के लिए सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम खड़गपुर, नारायणगढ़ और केशियाड़ी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंची. राज्यसभा सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पहुंचे इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से बातचीत की. डोला सेन ने इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठाई है. इस घटना को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और तृणमूल व भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है. पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
मंदिरतला में हुई बैठक, जुटाए साक्ष्य
प्रतिनिधिमंडल ने अपने दौरे की शुरुआत खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के मंदिरतला स्थित एक पार्टी कार्यालय से की. वहां टीम ने स्थानीय तृणमूल नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ एक विशेष बैठक की और हिंसा से जुड़ी घटनाओं की विस्तृत जानकारी जुटाई. तृणमूल नेतृत्व का आरोप है कि चुनाव के बाद विपक्षी दलों के शह पर कई इलाकों में अशांति का माहौल बनाया गया और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया. पार्टी के अनुसार, इस दौरे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शीर्ष नेतृत्व को सौंपी जायेगी.
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भाजपा पर प्रताड़ना का आरोप
खड़गपुर के बाद राज्यसभा सांसद डोला सेन नारायणगढ़ के पाकुड़सेनी क्षेत्र के 66 नंबर बूथ इलाके में स्थित मृत तृणमूल कार्यकर्ता बीरेन पात्र के घर पहुंचीं. उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हरसंभव कानूनी व आर्थिक सहयोग का आश्वासन दिया. गौरतलब है कि गत 10 मई को बीरेन पात्र का शव उनके घर के अंदर फंदे से लटका हुआ मिला था. मृतक, स्थानीय तृणमूल बूथ अध्यक्ष बादल कुमार पात्र के भाई थे. परिवार का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा लंबे समय से दिये जा रहे मानसिक दबाव और प्रताड़ना के कारण बीरेन ने आत्मघाती कदम उठाया. परिजनों ने दावा किया है कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.
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