मुख्य बातें
Abhishek Banerjee: कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. अभिषेक के दो मकानों को लेकर कोलकाता नगर निगम ने नोटिस जारी किया है. निगम की ओर से धारा 401 के तहत यह नोटिस भेजा गया है. नोटिस में संबंधित दोनों मकानों के बिल्डिंग प्लान तत्काल जमा करने को कहा गया है. निगम सूत्रों के अनुसार, आयुक्त के निर्देश पर बिल्डिंग विभाग ने यह कार्रवाई की है. कालीघाट रोड और हरीश मुखर्जी रोड स्थित दोनों मकानों के नक्शे को वैध नहीं माना गया है. इसके अलावा, लंबे समय से संपत्ति कर बकाया होने की भी जानकारी सामने आई है. हालांकि, इस संबंध में निगम की ओर अब आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है.
हावड़ा इलाके में 600 अवैध बिल्डिंग की सूची तैयार
कोलकाता के बाद सबसे अधिक अवैध निर्माण हावड़ा नगर निगम इलाके में हुआ है. राज्य सरकार ने निगम को एक नोटिस जारी कर अवैध निर्माण की एक सूची मांगी है. सरकार से आदेश मिलने के बाद निगम ने 600 अवैध बिल्डिंग की सूची तैयार की है, जिसमें से छह वार्डों में छह मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स हैं. बताया जा रहा है कि अवैध तरीके से बने इन छह अवैध मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग को अगले हफ्ते से तोड़ने का काम शुरू होगा. ये मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग वार्ड 15, 19, 26, 27, 44 और 47 में हैं. इसके लिए बड़ी संख्या में बुलडोजर का इंतजाम किया जा रहा है.
निगम इलाके में 5,500 से अधिक अवैध निर्माण
जानकारी के अनुसार, 2013 में निगम में तृणमूल का बोर्ड बनने के बाद अवैध निर्माण पर कोई रोक नहीं लगा. सभी वार्डों में धड़ल्ले से अवैध निर्माण बिना किसी रोक-टोक के चलते रहा. निगम से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 से 2021 तक निगम इलाके में 5,500 से अधिक अवैध निर्माण हुआ है. इसके अलावा 2022 से 2026 तक 600 बिल्डिंग अवैध तरीके से बने हैं. जी प्लस टू का प्लान लेकर प्रमोटरों ने जी प्लस 5 या 6 तक बनाया है.
अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त हुआ निगम
निगम आयुक्त स्मिता पांडे ने कहा कि निगम अनाधिकृत निर्माण गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. विशेष रूप से मौजूदा अवैध ढांचों से संबंधित अदालत के निर्देशों को अब लागू किया जायेगा और साथ ही अवैध निर्माण के नये मामलों पर नजर रखने के लिए निगरानी भी की जायेगी. निगम के सूत्रों के अनुसार, अवैध निर्माण से संबंधित सभी शिकायते, कानूनी मामलों और उसके बाद की जाने वाली कार्रवाइयों की समीक्षा के लिए साप्ताहिक बैठकें आयोजित करने की योजना बनायी जा रही है.
सख्त रवैया अपना रहा निगम
निगम के बिल्डिंग विभाग ने पहले भी शहर में अनाधिकृत निर्माण के संबंध में अभियान चलाये हैं और चेतावनी जारी की है. चेतावनी के तौर पर नोटिस भी भेजे गये थे. हालांकि, व्यवहार में कोई खास प्रभावी कार्रवाई नहीं की गयी. ऐसे में बिल्डिंग विभाग ने ढांचों के अनाधिकृत हिस्सों को ध्वस्त कर दिया था, फिर भी यह सवाल उठाया गया है कि अदालत के विशिष्ट निर्देशों के बावजूद इन अवैध इमारतों के खिलाफ कोई व्यापक कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. नतीजतन, निगम अब एक सख्त रवैया अपना रहा है. ज्ञात हो कि तिलजला में हाल ही में एक बहुमंजिला इमारत में आगजनी की घटना नई सरकार ने अवैध निर्माण के संबंध में जीरो-टॉलरेंस नीति का संकेत दिया है.
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विस्तृत रिपोर्ट मांगी
प्रशासन का अब इरादा न केवल अवैध ढांचों की पहचान करने में सख्त निगरानी रखने का है, बल्कि उन मामलों की भी बारीकी से जांच करने का है, जहां जुर्माना देकर ऐसे निर्माणों को वैध बनाने की कोशिश की जाती है. निगम उस तरीके के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने को तैयार है, जिस तरह से ऐतिहासिक रूप से नियमितीकरण के आवेदनों को आसानी से मंजूरी मिल जाती रही है. इस मुद्दे के हर पहलू को कवर करने वाली विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. जिसमें यह शामिल है कि कौन से निर्माण कानूनी कार्यवाही के अधीन हैं, अदालत के निर्देशों को किस हद तक लागू किया गया है, कहां कार्रवाई की गयी है और इसके विपरीत, विशिष्ट मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की गयी.
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