बंगाल में चुनाव आयोग भाजपा का ‘ट्रंप कार्ड’, तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी का सीधा आरोप

Bengal Election: तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के अनुसार, भाजपा का सबसे बड़ा सहारा चुनाव आयोग है, जो ‘बादलों के आड़’ से पार्टी के लिए काम कर रहा है और उसके निर्देशों का पालन कर रहा है.

Bengal Election: कोलकाता. राज्य में विधानसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आते ही सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गया है. इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बंगाल की चुनावी लड़ाई में भगवा दल का असली ‘ट्रंप कार्ड’ चुनाव आयोग है. अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अगर कोई यह सोचता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के सबसे बड़े चेहरे हैं, तो यह गलत है.

तृणमूल कार्यकर्ताओं को धमका रहे भाजपा के लोग

तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने आरोप लगाया कि केंद्र की 100 कंपनियां केंद्रीय बलों की, जिन्हें पहलगाम, दिल्ली, मणिपुर या नोएडा जैसे क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता था, उन्हें बंगाल में तैनात किया गया है. उनका दावा है कि इन बलों को खासतौर पर तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं, जिनमें उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं. अभिषेक बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग तृणमूल कार्यकर्ताओं को धमका रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि वे बंगाल में सीमित समय के लिए ही हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ऐसे लोगों को 30 मिनट भी राज्य में नहीं देखा जायेगा. उन्होंने इसे धमकी नहीं बल्कि ‘चैलेंज’ बताया.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

भाजपा के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ चुनावों में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है और 2026 का विधानसभा चुनाव उसके लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति माना जा रहा है. तृणमूल का आरोप है कि इसी कारण सुनियोजित तरीके से एसआइआर प्रक्रिया लागू की गयी है और चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है. सत्तारूढ़ दल का यह भी दावा है कि चुनाव आयोग द्वारा मनमाने तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाये जा रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग और भाजपा दोनों ही लगातार तृणमूल के निशाने पर बने हुए हैं, जिससे राज्य में चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण होता जा रहा है.

Also Read: राज्यसभा से कोई पेंशन नहीं लेंगे विकास रंजन भट्टाचार्य, माकपा नेता ने महासचिव को पत्र लिख दी जानकारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >