मुख्य बातें
Bengal Election: कोलकाता: बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग बंगाल के नौकरशाहों को लेकर एक के बाद एक फैसले कर रहा है. बुधवार की देर रात चुनाव आयोग ने इंदिरा मुखर्जी समेत बंगाल के 15 आईपीएस को बंगाल से बाहर जाने का आदेश दिया है. देर रात जारी इस आदेश में कहा गया है कि तमिलनाडु और केरल समेत चार राज्यों विधानसभा चुनाव होने जा रहा हैं. इन राज्यों के कई अधिकारियों को पहले ही पर्यवेक्षक के रूप में दूसरे राज्यों में भेजा जा चुका है. ऐसे में बंगाल के 15 और अधिकारियों को उन राज्यों में भेजने का फैसला किया गया है. इस सूची में अधिकतर ऐसे नाम हैं जिन्हें पिछले दिनों उनके पद से हटा दिया गया था.
कई अधिकारियों को भेजा जा चुका है बाहर
चुनाव की घोषणा होने तक राज्य के गृह सचिव रहे जगदीश प्रसाद मीना को भी पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु भेजा गया है. विधाननगर कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त मुरलीधर शर्मा और सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के सीपी सैयद वकार राजा को भी पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु भेजा गया है. अधिकारियों अभिजीत बनर्जी, धृतिमान सरकार और अमनदीप सिंह को भी पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और केरल में कुल 15 लोगों को भेजा है.
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इन अधिकारियों का सूची में नाम
इस सूची में राशिद मुनीर खान, संदीप कारा, प्रियब्रत रॉय शामिल हैं. प्रवीण कुमार त्रिपाठी, मुकेश, मुरलीधर शर्मा, इंदिरा मुखर्जी, धृतिमान सरकार,सी. सुधाकर, भास्कर मुखर्जी, अभिजीत बनर्जी, अमनदीप सिंह, आकाश मघरिया, आलोक राजोरिया और सैयद वकार राजा. इनमें से कई अधिकारियों का तबादला चुनाव आयोग द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर किया गया था. अब उन्हें दूसरे राज्य में भेजा गया है. इतना ही नहीं, इन 15 अधिकारियों में से अधिकतर ने पर्यवेक्षक बनने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी प्राप्त नहीं किया है. इसलिए सवाल उठता है कि उन्हें इतनी जल्दबाजी में क्यों भेजा गया.
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