मेसी विवाद में अरूप विश्वास की बढ़ीं मुश्किलें, तीसरे समन के बाद अब कोर्ट जायेगी कोलकाता पुलिस

Arup Biswas: इसी मामले में संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए अरूप विश्वास ने हाईकोर्ट का रुख किया था. अब जबकि लगातार समन की अनदेखी की जा रही है, पुलिस के अगले कदम और अदालत की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट

Arup Biswas: मेसी कार्यक्रम से जुड़े विवाद में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. पुलिस द्वारा जारी तीसरे समन पर भी निर्धारित समय में पेश न होने के बाद अब पुलिस उनके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया था और यदि वह इस समय सीमा का भी पालन नहीं करते हैं तो पुलिस अगला कानूनी कदम उठा सकती है.

कोर्ट से मिली है सशर्त अंतरिम कानूनी संरक्षण

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अरूप विश्वास को 48 घंटे के भीतर थाने में उपस्थित होने का नोटिस दिया था, लेकिन वह तय समय पर नहीं पहुंचे. हालांकि, सूत्रों का दावा है कि उन्होंने 19 तारीख को स्वयं पुलिस के समक्ष पेश होने की इच्छा जतायी है. इससे पहले 8 जून को कोलकाता हाईकोर्ट ने अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम कानूनी संरक्षण देते हुए गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई पर रोक लगायी थी. लेकिन, अदालत ने इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं. कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्हें अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी के पास जमा करना होगा और बिना अदालत की अनुमति अपने थाना क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे.

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भाई की हो चुकी है गिरफ्तारी

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतरिम राहत की अवधि के दौरान अरूप विश्वास को जांच में पूरा सहयोग करना होगा. यदि जांच अधिकारी पूछताछ के लिए बुलाते हैं तो 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा और नोटिस मिलने के बाद उन्हें जांच में शामिल होना अनिवार्य होगा. युवभारती क्रीड़ांगन में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अव्यवस्था और कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में आयोजक शतद्रु दत्ता ने बिधाननगर दक्षिण थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. इस मामले में उनके भाई स्वरूप विश्वास पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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