बकाया डीए पर सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने दी अर्जी

राज्य सरकार ने भुगतान के लिए दिसंबर तक मांगा समय

सोमवार को हो सकती है मामले की सुनवाई

कोलकाता. बंगाल सरकार ने राज्य कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते (डीए) के भुगतान के लिए सुप्रीम कोर्ट से इस वर्ष 31 दिसंबर तक का समय मांगा है. शीर्ष अदालत में दायर एक आवेदन में राज्य सरकार ने दलील दी है कि मौजूदा वित्तीय स्थिति और आगामी चुनावों के मद्देनजर तत्काल भुगतान करना संभव नहीं है. गौरतलब है कि पांच जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में निर्देश दिया था कि राज्य सरकार छह सप्ताह के भीतर केंद्रीय दर के अनुसार बकाया डीए का 25 प्रतिशत भुगतान करे. साथ ही शेष 75 प्रतिशत राशि के भुगतान की समय-सीमा और किस्तों का निर्धारण अदालत द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष समिति को करना था. हालांकि, निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने से ठीक पहले राज्य सरकार ने इसे संशोधित करने की अपील की है. सरकार ने न केवल शुरुआती 25 प्रतिशत राशि के भुगतान के लिए बल्कि बाकी बकाये की पहली किस्त के भुगतान के लिए भी 31 दिसंबर तक की मोहलत मांगी है. होली की छुट्टियों के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट खुलने पर इस मामले में सुनवाई होने की संभावना है.

उधर, राज्य सरकार के इस कदम पर कर्मचारी संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. मामले के मुख्य याचिकाकर्ता मलय मुखोपाध्याय ने कहा कि बिल्कुल आखिरी समय में राज्य सरकार का सुप्रीम कोर्ट जाना उसकी नीयत पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि यदि अदालत ने फिर से समय दिया, तो सरकार आखिरी दिन कोई नया कानूनी बहाना ढूंढ़कर कर्मचारियों का हक मारने की कोशिश कर सकती है. कर्मचारी संगठनों ने शीर्ष अदालत से अपील की है कि राज्य सरकार पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध और शर्तें लगायी जायें, ताकि कर्मचारियों के बकाया डीए का भुगतान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जा सके.

तृणमूल शासन में राज्य के सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिला उनका हक : भाजपा

कोलकाता. भाजपा आइटी सेल के प्रभारी व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अमित मालवीय ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के शासनकाल में 15 वर्षों तक राज्य कर्मचारियों को उनके हक के भुगतान से वंचित रखा गया. इसमें सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद लंबित महंगाई भत्ता (डीए) भी शामिल है. भाजपा पश्चिम बंगाल के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के साथ मजबूती से खड़ी है. न्याय में देरी का मतलब न्याय से इनकार नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि मई 2026 में भाजपा की सरकार बनने पर सातवां वेतन आयोग 45 दिन के भीतर लागू कर दिया जायेगा.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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