राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए मालदा में तैनात एक पुलिस पर्यवेक्षक को हटा दिया है. यह कार्रवाई सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की शिकायत के बाद की गयी है.
राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए मालदा में तैनात एक पुलिस पर्यवेक्षक को हटा दिया है. यह कार्रवाई सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की शिकायत के बाद की गयी है. इसके साथ ही पांच अन्य पुलिस पर्यवेक्षकों का भी तबादला कर दिया गया है. क्या है मामला : बता दें कि बिहार के जमुई जिले में भाजपा नेता के पति जयंत कांत को मालदा के चार संवेदनशील मतदान केंद्र मानिकचक, मोथाबारी, सुजापुर और वैष्णवनगर में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था. तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि जयंत कांत की पत्नी बिहार में भाजपा की नेता हैं, जिससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठता है. पार्टी नेताओं ब्रात्य बसु और पार्थ भौमिक ने संवाददाता सम्मेलन इस मुद्दे को उठाया था और सबूत के तौर पर तस्वीरें भी जारी की थीं. शिकायत की जांच के बाद आयोग ने जयंत कांत को हटा कर उनकी जगह आइपीएस अधिकारी हृदय कांत को नियुक्त किया है, जो बिहार कैडर के अधिकारी हैं. वहीं, आयोग ने जंगीपुर में हालिया अशांति को गंभीरता से लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाये रखने को लेकर आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. दूसरी ओर केवल मालदा ही नहीं, बल्कि जंगीपुर, रघुनाथगंज, सागरदीघी, आसनसोल, खड़गपुर और उत्तर 24 परगना के कई इलाकों में भी पुलिस पर्यवेक्षकों को बदल दिया गया है. आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. राज्य की 294 सीटों पर दो चरणों 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना चार मई को होगी. इस बार आयोग ने पर्यवेक्षकों की संख्या बढ़ाते हुए 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किये हैं, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा सके.
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