बंधन बैंक से 2.5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार

बंगाल पुलिस ने स्थानीय थाने की मदद से जामताड़ा में मारा छापा

कोलकाता के विधाननगर थाने में दर्ज है मामला, 57 बैंक खातों से हुआ ट्रांजेक्शन

जामताड़ा. बंधन बैंक के खाताधारकों से 2.5 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में शामिल साइबर गिरोह के एक सदस्य को बंगाल पुलिस ने जामताड़ा से गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई विधाननगर साइबर क्राइम विंग्स के इंस्पेक्टर गौतम सरकार ने मंगलवार देर रात जामताड़ा सदर थाना पुलिस के सहयोग से की. गिरफ्तार आरोपी की पहचान नामुपाड़ा मुहल्ला निवासी मुरारी मंडल के रूप में की गयी है. पुलिस ने उसे बुधवार को जामताड़ा कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गयी.

मामले में हो चुकी है पांच बैंक अधिकारियों की गिरफ्तारी

कोलकाता के बंधन बैंक मुख्य शाखा के पदाधिकारी विक्रम बसंदनी ने 23 जुलाई को विधाननगर थाने में 2.5 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था. इस संबंध में कांड संख्या 84/2025 दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी थी. जांच के क्रम में बंधन बैंक के कई अधिकारियों की संलिप्तता सामने आयी. झारखंड के हजारीबाग और जामताड़ा शाखा के सीआरओ, धनबाद के सरायढेला शाखा के सेल्स मैनेजर और कोलकाता के मटियाबुर्ज शाखा के सीआरओ व सेल्स मैनेजर को विधाननगर पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस जांच में पता चला कि साइबर ठग गिरोह ने 57 बैंक खातों के जरिये करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया था. जामताड़ा के मुरारी मंडल के खाते से लगभग पांच लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया. इसी गिरोह से जुड़े जामताड़ा के एक अन्य युवक समीर के खाते से भी लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है. वह फिलहाल फरार है.

ग्राहकों के बारे में बैंककर्मी देते थे ठगों को जानकारी

जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बैंककर्मियों से सांठगांठ कर ग्राहकों का गोपनीय डेटा, मोबाइल नंबर और खाता विवरण हासिल करते थे. बदले में उन्हें मोटी रकम दी जाती थी. बैंक के ये कर्मचारी कोर बैंकिंग सिस्टम से ग्राहक की जानकारी लेकर ठगों को उपलब्ध कराते थे. ठग इसके बाद ग्राहकों को वॉट्सऐप, एसएमएस या कॉल के माध्यम से केवाईसी अधूरा होने का बहाना बनाकर बैंक विवरण मांगते थे. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुरारी मंडल से पूछताछ के क्रम में कई और बातें सामने आयी हैं. गिरोह में कितने सदस्य शामिल हैं, इसका खुलासा हो सकता है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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