तृणमूल की कार्यशैली भारत की संस्कृति व लोकाचार के अनुरूप नहीं : शमिक

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए राज्य में धार्मिक मतभेद पैदा करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि पार्टी लोगों की भावनाओं के साथ खेल रही है और भारत के मूल लोकाचार का उल्लंघन कर रही है, जहां ‘भारत’ और ‘राम’ अविभाज्य हैं.

कोलकाता.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए राज्य में धार्मिक मतभेद पैदा करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि पार्टी लोगों की भावनाओं के साथ खेल रही है और भारत के मूल लोकाचार का उल्लंघन कर रही है, जहां ‘भारत’ और ‘राम’ अविभाज्य हैं.

श्री भट्टाचार्य शुक्रवार को दुर्गापुर में एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘जय मां दुर्गा’ और ‘जय मां काली’ का नारा लगाये जाने पर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना का जवाब दे रहे थे. मोदी की रैली के बाद तृणमूल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने पहले के नारे ‘जय श्रीराम’ को दरकिनार कर रही है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि राम मोदी समेत हर भाजपा कार्यकर्ता और करोड़ों भारतीयों के दिलों में गहराई से बसे हैं. उन्होंने कहा : भारत राम है, राम भारत है. भारत का पूरा भावनात्मक ताना-बाना रामायण से जुड़ा है. लेकिन भारत की जड़ों और संस्कृति से अलग और तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त तृणमूल हमारे राष्ट्र की बहुलतावादी प्रकृति को समझने में विफल है. भारत से परे रामायण के सांस्कृतिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने कहा : इंडोनेशिया में, कई महलों पर हमारे महाकाव्य रामायण के पात्रों के नाम अंकित हैं. भारत इस बहुलवादी डीएनए को साझा करता है. फिर भी, तृणमूल मां काली और दुर्गापूजा जैसे त्योहारों के जरिये राजनीतिक लाभ लेती है.

राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसी राजनीति जारी नहीं रहने का संकल्प लेते हुए उन्होंने कहा : बंगाल में मौजूदा कलह तृणमूल की राजनीति के तौर-तरीके के कारण है. हम एक ऐसे बंगाल की शुरुआत करेंगे, जहां दुर्गापूजा विसर्जन और मुहर्रम का शांतिपूर्ण जुलूस एक ही दिन एक ही रास्ते से निकलेगा.

शुभेंदु अधिकारी जैसी कट्टर छवि के विपरीत भाजपा में अपने उदारवादी रुख के लिए पहचाने जाने वाले श्री भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल हालिया हिंसा के लिए जिम्मेदार मुस्लिम समुदाय के भीतर ‘कट्टरपंथी तत्वों’ को बढ़ावा दे रही है. श्री भट्टाचार्य ने कहा : क्या तृणमूल ने कभी गरीब, आर्थिक रूप से वंचित मुसलमानों की शिक्षा और उनके उत्थान की परवाह की? जरा सोचिये कि मुस्लिम समुदाय के प्रमुख नेता अपने बच्चों को मदरसों में नहीं, बल्कि कुलीन शिक्षण संस्थानों में भेजते हैं, ऐसा क्यों?

अगले वर्ष होने वाले विस चुनाव के पहले प्रदेश भाजपा के नेताओं ने की उच्चस्तरीय बैठक

वहीं, पीएम मोदी की सभा के 24 घंटे के अंदर ही प्रदेश भाजपा के मुख्यालय में पार्टी नेताओं की उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में पार्टी के केंद्रीय प्रभारियों में सुनील बंसल, मंगल पांडेय, अमित मालवीय के साथ-साथ राज्य स्तर के नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, पूर्व सांसद डॉ सुभाष सरकार सहित अन्य नेता उपस्थित रहे. इस बैठक में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा की गयी. इसके साथ ही केंद्रीय नेताओं ने प्रदेश नेताओं को बूथ स्तर पर सांगठनिक शक्ति को और मजबूत करने का आह्वान किया है.

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Published by: Bijay kumar

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