अभिषेक बनर्जी बोले- मुर्शिदाबाद में BJP के 3 एजेंट, हुमायूं कबीर और अधीर रंजन भगवा खेमे का मोहरा

Abhishek Banerjee on Murshidabad Politics: अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में चुनाव आयोग, अधीर रंजन चौधरी और हुमायूं कबीर को भाजपा का एजेंट बताया. हुमायूं कबीर के भाजपा कनेक्शन पर भी उन्होंने सवाल उठाये.

Abhishek Banerjee on Murshidabad Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मुर्शिदाबाद के सियासी समीकरण पर बड़ी बात कही है. अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी नेताओं की घेराबंदी करते हुए आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भाजपा ने तीन ‘एजेंट’ तैनात किये हैं. उनके निशाने पर न केवल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और हुमायूं कबीर रहे, बल्कि उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाये.

चुनाव आयोग, अधीर चौधरी और हुमायूं सब BJP के एजेंट : अभिषेक

अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद में अशांति फैलाने और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की गहरी साजिश हो रही है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग (Election Commission), अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस नेता) और हुमायूं कबीर (आम जनता उन्नयन पार्टी) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही है.

राम मंदिर बनाम बाबरी : हुमायूं कबीर पर तीखा प्रहार

हुमायूं कबीर पर हमला बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने उनके ‘पाखंड’ का पर्दाफाश करने का दावा किया. उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा राम मंदिर के नाम पर राजनीति कर रही है, तो दूसरी तरफ हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद के नाम पर लोगों की भावनाओं को भड़का रहे हैं. उससे खिलवाड़ कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा और हुमायूं कबीर दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. दोनों धर्म के नाम पर वोटों का बंटवारा चाहते हैं.

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हुमायूं कबीर के इतिहास का दिया हवाला

इतिहास का हवाला देते हुए अभिषेक ने याद दिलाया कि हुमायूं कबीर उन लोगों से हाथ मिला चुके हैं, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े थे. अभिषेक ने हुमायूं कबीर को ‘छद्म राजनीतिज्ञ’ बताते हुए कहा कि उनका मुखौटा अब उतर चुका है.

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मुर्शिदाबाद की पहचान को बचाने की अपील

तृणमूल महासचिव ने कहा कि मुर्शिदाबाद हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का केंद्र रहा है. भाजपा और उसके ये ‘एजेंट’ मिलकर इस संस्कृति को चोट पहुंचाना चाहते हैं. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी तरह के उकसावे में न आयें और विकास के नाम पर ममता बनर्जी का साथ दें.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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