तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपनी आंखों के इलाज के सिलसिले में विदेश जाने की इजाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस निर्देश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें पहले कोलकाता के SSKM अस्पताल जाकर अपनी आंखों की जांच कराने और विशेषज्ञों की रिपोर्ट जमा करने को कहा गया था.
अभिषेक की दलील - जांच में कर रहे सहयोग
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में अभिषेक बनर्जी ने तर्क दिया है कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं. डीजे (DJ) मामले में हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए अपना वॉयस सैंपल भी दे चुके हैं. इसके बावजूद अदालत उनके इलाज से जुड़ी अर्जी पर अनुकूल रुख नहीं अपना रही है.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
20 जुलाई को कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ में सुनवाई के दौरान अभिषेक के वकील ने बताया था कि उनके मुवक्किल पिछले 10 वर्षों से अमेरिका में ही अपनी आंखों का इलाज करा रहे हैं.
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अतिरिक्त महाधिवक्ता ने किया विदेश यात्रा का विरोध
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने अभिषेक की विदेश यात्रा का कड़ा विरोध किया. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद टिप्पणी की थी कि पहले SSKM अस्पताल के नेत्र विभाग के प्रमुख से जांच करायी जाये. यदि विशेषज्ञ यह राय देते हैं कि यह बीमारी कोलकाता में ठीक नहीं हो सकती और विदेश जाना अनिवार्य है, तभी अदालत अनुमति देने पर विचार करेगी.
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2016 में चोटिल हुए थे अभिषेक बनर्जी
अक्टूबर 2016 में मुर्शिदाबाद से लौटते समय एक सड़क दुर्घटना में अभिषेक बनर्जी की आंख के निचले हिस्से में गंभीर चोट आयी थी. इसके बाद से उनका इलाज जारी है.
