बाबरी मस्जिद की नींव रखूंगा, फिर ईंट उखाड़ फेंकूंगा, अभिषेक बनर्जी ने खोला हुमायूं कबीर का काला चिट्ठा

Abhishek Banerjee News: अभिषेक बनर्जी ने हुमायूं कबीर के ‘मस्जिद कार्ड’ की पोल खोलकर रख दी है. 2019 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने और टीएमसी दफ्तर में हुई गुप्त बातचीत का भी कर दिया खुलासा. जानें क्या है पूरी खबर.

Abhishek Banerjee News: बंगाल चुनाव 2026 के प्रचार के बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हुमायूं कबीर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मुर्शिदाबाद की एक जनसभा में अभिषेक बनर्जी ने हुमायूं कबीर पर मुसलमानों के साथ गद्दारी करने और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया. अभिषेक ने एक के बाद एक कई ऐसे खुलासे किये, जिससे क्षेत्र की सियासत गरमा गयी है. उन्होंने साफ कहा कि हुमायूं कबीर अल्पसंख्यकों को बेवकूफ समझते हैं, लेकिन जनता उनका हिसाब करना जानती है.

बंद कमरे की बातचीत का खुलासा

अभिषेक बनर्जी ने एक पुरानी मुलाकात का जिक्र करते हुए हुमायूं कबीर की राजनीति पर सवाल उठाये. उन्होंने बताया कि हुमायूं कबीर एक बार तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में उनसे मिलने गये थे. उन्होंने कहा था कि वह बाबरी मस्जिद के निर्माण की बात करेंगे और आधारशिला भी रखेंगे, लेकिन असल में मस्जिद बनायेंगे नहीं. हुमायूं ने उनसे कहा था कि बाद में वह खुद ईंट उखाड़कर फेंक देंगे. अभिषेक ने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले व्यक्ति को उन्होंने तुरंत टीएमसी छोड़ने की सलाह दी थी.

हुमायूं कबीर से पूछे 3 तीखे सवाल

  • ओवैसी का साथ क्यों छूटा : अगर आपका विवादित वीडियो एआई (AI) से बना और फर्जी है, तो फिर असदुद्दीन ओवैसी ने आपसे गठबंधन क्यों तोड़ा?
  • पार्टी अध्यक्ष का इस्तीफा : आपकी अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने आपको छोड़कर इस्तीफा क्यों दे दिया? इसका जवाब जनता को देना होगा.
  • भाजपा के टिकट पर चुनाव : हुमायूं कबीर आज मस्जिद की बात करते हैं, लेकिन 2019 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था. तब उन्हें बाबरी मस्जिद कांड की याद क्यों नहीं आयी?

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मुसलमान मूर्ख नहीं, जनता हिसाब करना जानती है : अभिषेक

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हुमायूं कबीर का मानना है कि मुसलमानों को आसानी से मूर्ख बनाया जा सकता है. इस पर पलटवार करते हुए टीएमसी नेता ने कहा- मैं कहता हूं कि मुसलमान बेवकूफ नहीं हैं. हिंदू, मुस्लिम, बंगाली- हम सब कभी-कभी गलत लोगों पर भरोसा कर बैठते हैं. अगर कोई हमारे साथ विश्वासघात करता है, तो हम उसका हिसाब बराबर करना भी जानते हैं.

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Abhishek Banerjee News: अधीर, सिद्दीकी और हुमायूं को सुरक्षा लौटाने की चुनौती

अभिषेक बनर्जी ने केवल हुमायूं कबीर ही नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और नौशाद सिद्दीकी को भी ललकारा. उन्होंने इन तीनों नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे केंद्र सरकार द्वारा दी गयी ‘सेंट्रल फोर्स’ की सुरक्षा वापस कर दें. ममता बनर्जी की सरकार उन्हें बंगाल पुलिस की सुरक्षा मुहैया करायेगी. अभिषेक ने आरोप लगाया कि ये नेता केवल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. इनका असली चेहरा सबके सामने आ गया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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