धार्मिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ : शमिक भट्टाचार्य

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि एक धार्मिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ राजनीतिक बयान दिया गया, जो राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है.

कोलकाता.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि एक धार्मिक मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ राजनीतिक बयान दिया गया, जो राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामले में सामान्यत: सर्वदलीय सहमति बनी रहती है और इस परंपरा को नहीं तोड़ा जाना चाहिए.

शनिवार को सॉल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्य अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य और पूर्व राज्य अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा.

संवाददाता सम्मेलन में शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में लंबे समय से विभाजनकारी राजनीति, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों की उपेक्षा की गयी है. राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसंख्या संरचना में परिवर्तन और अनियंत्रित घुसपैठ भविष्य में बड़े सामाजिक व सुरक्षा संकट का कारण बन सकती है. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है और पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाये रखने की नीति का पालन करता है. लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध घुसपैठ और सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जायेगा और इस विषय पर पार्टी की नीति पहचानो, हटाओ और वापस भेजो पर आधारित है. आरजी कर अस्पताल की घटना का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य की प्रशासनिक विफलता को दर्शाती हैं. भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोग बदलाव के पक्ष में तैयार हैं और आगामी चुनाव में इसका लोकतांत्रिक रूप से प्रतिबिंब देखने को मिलेगा.

फिर भाजपा में पूर्वस्थली से तृणमूल नेता स्वप्न भट्टाचार्य

मौके पर सांसद राहुल सिन्हा ने एक राजनेता के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि पूर्वस्थली क्षेत्र के जिला परिषद के वर्तमान सदस्य स्वप्न भट्टाचार्य तृणमूल कांग्रेस छोड़ कर फिर से भाजपा में शामिल हो गये हैं. उन्होंने कहा कि एक वर्तमान जनप्रतिनिधि का यह निर्णय राज्य की राजनीतिक स्थिति का महत्वपूर्ण संकेत है.श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य में हाल ही में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिससे जवाबदेही का मुद्दा सामने आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में लंबे समय से समस्याएं थीं और अब चुनाव आयोग की कड़ी निगरानी के कारण स्थिति में सुधार हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि मतदाता सूची का शुद्धिकरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है, तो राज्य की राजनीतिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन आयेगा.

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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