कोलकाता: प्रदेश भाजपा नेता कृषानु मित्रा के पार्टी से इस्तीफा देने की खबर के बाद हलचल का माहौल है. हालांकि इस संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने साफ कर दिया कि उनको कोई त्याग-पत्र नहीं मिला है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब मुझे कोई त्याग-पत्र मिला ही नहीं है, तो इसे […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कोलकाता: प्रदेश भाजपा नेता कृषानु मित्रा के पार्टी से इस्तीफा देने की खबर के बाद हलचल का माहौल है. हालांकि इस संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने साफ कर दिया कि उनको कोई त्याग-पत्र नहीं मिला है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब मुझे कोई त्याग-पत्र मिला ही नहीं है, तो इसे स्वीकार करने का सवाल ही पैदा नहीं होता. उनके निजी ई-मेल में भी कोई त्याग-पत्र नहीं आया है.
अगर ई-मेल मिलता है तो वह इस पर विचार करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर कोई पार्टी के लिए कार्य करने को तैयार नहीं है, उसे जबरन पार्टी में रखा नहीं जा सकता, लेकिन सोशल मीडिया में कृषानु मित्रा ने अपना त्याग-पत्र अपलोड कर दिया है, इसके बाद ही हलचल शुरू हो गयी थी.
इस संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा का दरवाजा बहुत बड़ा है और अब बंगाल में हजारों लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं. इसलिए एक-दो आदमी के पार्टी छोड़ने से पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. पूरे देश में परिवर्तन अगर कोई कर सकता है तो वह है भाजपा. लोगों का विश्वास भाजपा के प्रति बढ़ा है.