कोलकाता: टीटागढ़ नगरपालिका के सात नंबर वार्ड स्थित लूमटेक्स जूट मिल नंबर 2 जिसका वर्तमान में नाम बदल कर डीडीको व्यापार प्राइवेट लिमिटेड रखा गया है व टीटागढ़ स्टेशन के 11 नंबर गेट स्थित सनबीन वाणिज्य प्राइवेट लिमिटेड जूट मिल में काम करनेवाले सैकड़ो श्रमिकों का आरोप है कि नोटबंदी के बाद श्रमिकों का बैंक खाता तो खोला गया लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें खाता नहीं सौंपा गया है. श्रमिकों ने आशंका जतायी है कि नोटबंदी के दौरान मिल प्रबंधन द्वारा उनके खाते का इस्तेमाल अपने कालेधन को सफेद करने में किया गया है, इसी कारण उनका खाता उन्हें वापस नहीं दिया जा रहा है़.
इस बाबत लूमटेक्स जूट मिल के हसिया तांत विभाग में काम करनेवाले अनिल शर्मा ने बताया कि यहां करीब तीन हजार श्रमिक काम करते हैं,लेकिन किसी श्रमिक का पीएफ, ग्रेच्यूटी नहीं जमा किया जाता है जबकि हर महीने एक हजार रुपया श्रमिकों के वेतन से पीएफ में जमा करने के नाम पर काट लिया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने खाते में वेतन डालने की बात कर सभी श्रमिकों का बैंक में खाता खुलवाया लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक उन्हें खाता दिया ही नहीं गया हलाकि विरोध करने पर बिना पासबुक के केवल उन्हें एटीएम थमा दिया गया. लूमटेेक्स जूट मिल के तृणमूल श्रमिक यूनियन के कार्यकारी सभापति श्याम नारायण सिंह ने मिल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि मिल पूरी तरह अवैध तरीके से चलायी जा रही है़. मिल प्रबंधन समाज विरोधियों की मदद से जबरन मिल को चला रहा है़. यहां काम करनेवाले श्रमिकों का प्रबंधन द्वारा पीएफ का पैसा काटने के बावजूद उनके खातों में जमा नहीं किया जा रहा है़ काम से निकाल दिये जाने के भय से कोई आवाज नहीं उठा रहा है.
बंगाल चटकल मजूदर मोरचा के राज्य सचिव अशोक चौरसिया ने आरोप लगाते हुए कि बैंक खाता खुलवाने में काफी अनियमितताएं बरती गयी है़ं इससे श्रमिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है़ आइएनटीयूसी के महासचिव रामानंद चौधरी ने बताया कि खाता खुलने के बाद श्रमिकों को अपना ही पैसा निकालने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
