टिप्पणी करनेवालों ने भी चलवायी थीं गोलियां

कोलकाता : संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर अपनी टिप्पणी के कारण अपनी पार्टी के नेताओं साथ ही विभिन्न लोगों के निशाने पर आये प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को अपने आलोचकों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्होंने स्वयं ही विभिन्न मौकों पर प्रदर्शनकारियों पर […]

कोलकाता : संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर अपनी टिप्पणी के कारण अपनी पार्टी के नेताओं साथ ही विभिन्न लोगों के निशाने पर आये प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को अपने आलोचकों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्होंने स्वयं ही विभिन्न मौकों पर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवायी हैं.

उल्लेखनीय है कि श्री घोष ने कहा था कि सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को ‘कुत्तों की तरह गोली मारी गयी’. उन्होंने कहा : मैं अपनी टिप्पणी पर कायम हूं. मुझे आलोचना की परवाह नहीं है. मैंने जो कुछ भी कहा है, वह देश के पक्ष में है. तृणमूल और कांग्रेस मेरी आलोचना कर रही है. उन्होंने भी विभिन्न मौकों पर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवायी हैं.
दार्जिलिंग में गोरखा आंदोलन के दौरान 12 लोगों की गोली मारी गयी. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय के समय नक्सली छात्रों को गोली मारी गयी. उसके समय के कई नेता आज मंत्री व कांग्रेस के नेता हैं. माकपा के शासनकाल में निहत्थों पर गोली चलायी गयी. भाजपा के 92 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गयी है. 29 हजार पर मामले दायर किये गये हैं. भाजपा के 2000 कार्यकर्ता अब भी जेल में हैं. सीएए का विरोध के नाम पर सरकारी संपत्ति जलायी गयी. दुकान लूट लिये गये. घरों में आग लगा दी गयी. करोड़ों रुपये की क्षति हुई. पुलिस मूकदर्शक बनी रही. राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. राष्ट्र हित देखने की जगह वोट बैंक को तरजीह दी जा रही है. इन परिस्थितियों में उन्हें जो बोलना था, वह बोले हैं और भविष्य में ‍भी बोलेंगे.
पार्टी के मंत्री बाबुल सुप्रियो द्वारा विरोध किये जाने पर श्री घोष ने कहा कि उनके बयान का सैकड़ों लोगों ने विरोध किया है, लेकिन देश हित में जो सही है. वह बोलेंगे. गौरतलब है कि घोष ने नदिया जिले में रविवार को एक जनसभा में यह कहकर विवाद छेड़ दिया था कि सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को भाजपा शासित राज्यों में कुत्तों की तरह गोली मारी गयी. श्री घोष के इस बयान की उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और केंद्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने आलोचना की थी.

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