कोलकाता : आज के डिजिटल युग में अपराध भी हाइटेक हो गये हैं. देश में साइबर क्राइम की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. कई बार रेलवे स्टेशनों पर भी यात्री साइबर क्राइम के शिकार होते हैं. इन अपराधों की जांच करने व अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने देश के छह स्टेशनों पर […]
कोलकाता : आज के डिजिटल युग में अपराध भी हाइटेक हो गये हैं. देश में साइबर क्राइम की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. कई बार रेलवे स्टेशनों पर भी यात्री साइबर क्राइम के शिकार होते हैं. इन अपराधों की जांच करने व अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने देश के छह स्टेशनों पर साइबर सेल के गठन का फैसला किया है. देश के छह विभिन्न जोन में इसका गठन किया जायेगा. इन स्टेशनों में हावड़ा, दिल्ली, गोरखपुर, पुणे, चेन्नई व हैदराबाद शामिल हैं.
जानकारी के अनुसार, चेन्नई, हैदराबाद व पुणे में साइबर सेल के गठन का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी तीन स्टेशनों पर अभी प्रक्रिया जारी है. बताया गया है कि मोबाइल, आधुनिक उपकरण व टैब के माध्यम से हुए अपराधों की जांच सेल की ओर से की जायेगी. धोखाधड़ी, यात्रियों की तस्वीरें खींच कर अश्लील तरीके से पोस्ट करने, ऑनलाइन के माध्यम से नौकरी देने के नाम पर स्टेशन पर बुला कर रुपयों की लेन-देन करने जैसे मामलों की जांच इस सेल द्वारा की जायेगी.
आरपीएफ पर होगी साइबर सेल की जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार, साइबर सेल की पूरी जिम्मेदारी आरपीएफ पर होगी. इसके लिए आरपीएफ के अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है. निर्धारित स्टेशनों पर वर्क स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है, जहां विभिन्न प्रकार के उपकरण लगाये जायेंगे. केस डिटेक्ट करने के लिए विभिन्न प्रकार के नेटवर्क लगाये जायेंगे.
पूर्व रेलवे में स्थित हावड़ा स्टेशन, देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है, जहां से प्रतिदिन लगभग 15 लाख लोग यात्रा करते हैं, इसलिए ऐसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर साइबर सेल का गठन एक महत्वपूर्ण कदम है.