हावड़ा : रोजगार की मांग को लेकर शुक्रवार को राज्य सचिवालय नवान्न जा रहे 12 वाम संगठनों के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गये. झड़प में पुलिस के भी घायल होने की खबर है. घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 24 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पानी की बौछार व आंसू गैस के गोले दागे. लाठीचार्ज भी हुआ. स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाइएफआइ) के सदस्यों ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की मांग करते हुए गुरुवार को सिंगूर से रैली निकाली थी. रैली को शुक्रवार दोपहर को राज्य सचिवालय पर समापन होना था, लेकिन उसे पांच किलोमीटर पहले ही मल्लिक फाटक के पास रोक दिया गया. वामपंथी कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की और मल्किक फाटक पर पुलिस के तीन बैरीकेड में से एक को तोड़ दिया. उसके तुरंत बाद दोनों पक्षों में झड़प शुरू हो गयी. प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया.
डीवाइएफआइ के प्रदेश सचिव सायनदीप मित्रा ने कहा कि पुलिस ने हमसे कहा था कि हमारे पांच प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने के लिए जाने दिया जायेगा. लेकिन जैसे ही रैली मल्लिक फाटक के पास पहुंची, पुलिसकर्मी लाठीचार्ज करने लगे. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान एसएफआइ और डीवाइएफआइ के कई कार्यकर्ता बेहोश हो गये. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की जनसंपर्क पहल ‘दीदी के बोलो’ के तहत हम सभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नौकरियां मांगने तथा कई अन्य मुद्दों पर जवाब मांगने के लिए जा रहे थे. लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.
