आइआइएम कोलकाता व टैलेंटस्प्रिंट 2000 पेशेवरों को देगा प्रशिक्षण

कोलकाता : द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, कोलकाता (आईआईएम कोलकाता) और टैलेंटस्प्रिंट ने पेशेवरों के बीच फिनटेक विशेषज्ञता के लिए महत्वाकांक्षा के कारक पर विश्लेषण रिपोर्ट जारी की है. यह रिपोर्ट 700 से अधिक कंपनियों में 1500 से अधिक पेशेवरों से एकत्रित डेटा पर आधारित है. डेटा का विस्तृत विश्लेषण कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख […]

कोलकाता : द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, कोलकाता (आईआईएम कोलकाता) और टैलेंटस्प्रिंट ने पेशेवरों के बीच फिनटेक विशेषज्ञता के लिए महत्वाकांक्षा के कारक पर विश्लेषण रिपोर्ट जारी की है. यह रिपोर्ट 700 से अधिक कंपनियों में 1500 से अधिक पेशेवरों से एकत्रित डेटा पर आधारित है. डेटा का विस्तृत विश्लेषण कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख करता है. अर्न्स्ट एंड यंग के अनुसार, फिनटेक कंज्यूमर एडॉप्शन में 87% से आगे बढ़ रहा है.

केपीएमजी के अनुसार 2020 तक भारत का फिनटेक सॉफ़्टवेयर सेक्टर 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि गार्टनर के अनुसार बैंक 2030 तक अप्रासंगिक हो जाएंगे. इस पृष्ठभूमि के साथ, फिनटेक विशेषज्ञता की तलाश कर रहे 50% से अधिक पेशेवर बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के उद्योग से जुड़े हैं, जिसमें सबसे ज़्यादा प्रबंधन की आवश्यकता है. इसके साथ ही, वित्तीय और लेखा, व्यवसाय विकास, कंसल्टिंग, सेल्स, धन प्रबंधन, उत्पाद प्रबंधन और व्यापार जैसे कार्यात्मक क्षेत्रों में इस तकनीक को सीखने में निवेश करने की उत्सुकता भी शामिल है.

आईआईएम कोलकाता ने टैलेंटस्प्रिंट के साथ मिल कर मई 2019 में फिनटेक और फ़ाइनेंशियल ब्लॉकचेन में एडवांस्ड प्रोग्राम लॉन्च किया, जिससे पेशेवरों को विशेषज्ञता के लिए गुर सिखाने के साथ इस लगातार बढ़ते फिनटेक मार्केट को सहयोग दिया जा सकेगा. प्रमुख मॉड्यूल में डिजिटल पेमेंट्स, रिस्क मैनेजमेंट, डिजिटल डिसरप्शन, फ़ाइनेंशियल एनालिटिक्स और फ़ाइनेंशियल ब्लॉकचेन शामिल हैं. पहला बैच ने 100 पेशेवर तैयार कर दिये हैं और जनवरी 2020 के लिए अगले बैच की घोषणा भी कर दी गयी है. इस मौके पर बात करते हुए, प्रो. इंद्रनील बोस, प्रोग्राम डायरेक्टर ने कहा, “भारत में वैश्विक फिनटेक कैपिटल बनने की क्षमता है.
हमारे लोगों में मौजूद प्रतिभा की विविधता के साथ-साथ रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु यह साफ़ तौर पर बताते हैं कि वैश्विक पेशेवर भी उनकी फिनटेक विशेषज्ञता को बनाने के लिए भारत को संभावना का देश मानते हैं. हमें उम्मीद है कि भविष्य में आगे आनेवाले लोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा का एक अच्छा रूप देखेंगे, जो एक दूसरे से सीखते हैं और एक साथ काम करते हैं”. टैलेंटस्प्रिंट के संस्थापक और सीईओ डॉ. शांतनु पॉल ने कहा, “कंपनी ने विशिष्ट गहन तकनीकी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है. आइआइएम कोलकाता के साथ हमारी साझेदारी को भारत की फिनटेक क्षमता को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. हम मिलकर अगले तीन वर्षों में आवश्यक विशेषज्ञता के साथ 2000 पेशेवरों को प्रशिक्षित करेंगे.”

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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