कोलकाता : जायदाद अपने नाम में लिखवा कर मां संग तीन भाइयों को घर से निकालने की कोशिश करने का आरोप एक व्यक्ति पर लगा है. घटना दमदम इलाके के श्यामनगर की है. पीड़ित मां का नाम सरस्वती पाल है. वह इस मकान में अपने चार बेटों के साथ रहती है. एक दिन अचानक सरस्वती […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कोलकाता : जायदाद अपने नाम में लिखवा कर मां संग तीन भाइयों को घर से निकालने की कोशिश करने का आरोप एक व्यक्ति पर लगा है. घटना दमदम इलाके के श्यामनगर की है. पीड़ित मां का नाम सरस्वती पाल है. वह इस मकान में अपने चार बेटों के साथ रहती है.
एक दिन अचानक सरस्वती व उनके तीन भाइयों को पता चला कि उसके एक भाई नारायण पाल ने मां को अस्पताल ले जाने के बहाने पूरा मकान रजिस्ट्री दफ्तर ले जाकर अपने नाम करवा लिया. इसके बाद से नारायण अपने तीन भाइयों माणिक चंद्र पाल, पिनाकी पाल व रवि पाल को घर से निकलने की धमकी देने लगा. बाध्य होकर मां सरस्वती ने धोखे से मकान लिखवा लेने की शिकायत दमदम थाने में दर्ज करायी. सरस्वती के तीनों बेटों का कहना है कि वह बेरोजगार हैं, ऐसे में सिर से छत छिन जाने के बाद वे कैसे गुजर-बसर करेंगे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
वृद्ध मां को घर से निकाला, आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता : दक्षिण 24 परगना अंतर्गत विष्णुपुर थाना के सुल्तानगंज में वृद्ध मां को संपत्ति के लिए उसके बेटे ने घर से पीट कर निकाल दिया. वृद्धा मां का नाम संध्या मंडल (74) है. उन्होंने अपने बेटे कार्तिक मंडल की शिकायत थाने में की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को कार्तिक मंडल को गिरफ्तार किया. जानकारी के अनुसार संध्या मंडल की सात बेटियां और एक बेटा है. बेटियों की शादी के बाद उसके पति का देहांत हो गया. उसके बेटे कार्तिक की शादी सपना से हुई, जिसके बाद से ही बेटा और बहू संपत्ति अपने नाम लिखवाने के लिए वृद्धा पर अत्याचार करते रहे. अंतत: उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया.