कोलकाता : सारधा मामले में सीबीआइ ने ममता बनर्जी के सहयोगी से की पूछताछ
कोलकाता : सीबीआइ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माणिक मजूमदार से सारधा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ की. सीबीआइ अधिकारियों ने कहा कि सियासत में ममता बनर्जी के शुरुआती दिनों से ही उनके सचिव रहे मजूमदार को जांच एजेंसी ने पेश होने के लिये नोटिस भेजा था. उन्होंने कहा कि […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
कोलकाता : सीबीआइ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माणिक मजूमदार से सारधा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ की. सीबीआइ अधिकारियों ने कहा कि सियासत में ममता बनर्जी के शुरुआती दिनों से ही उनके सचिव रहे मजूमदार को जांच एजेंसी ने पेश होने के लिये नोटिस भेजा था.
उन्होंने कहा कि मजूमदार ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए एजेंसी के सॉल्टलेक स्थित दफ्तर आने में असमर्थता जाहिर की थी. अधिकारी ने कहा कि उनके आवेदन पर विचार करते हुए सीबीआइ का एक दल प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर के पास स्थित उनके घर पूछताछ के लिये पहुंचा और गुरुवार को उनके बयान दर्ज किये
सूत्रों ने कहा कि सीबीआइ को संदेह था कि तृणमूल कांग्रेस के कोष का प्रबंधन करने में मजूमदार अहम शख्स थे जिन्हें सारधा समूह के प्रवर्तक सुदीप्त सेन द्वारा सुश्री बनर्जी की पेंटिंग खरीदे जाने की पूरी जानकारी थी. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने करोड़ों रुपये के सारधा घोटाले में जांच का आदेश देते हुए 2014 में मामला सीबीआइ को सौंप दिया था.
बताया जा रहा है कि 2012 से माणिक मजूमदार सुश्री बनर्जी के कालीघाट के घर स्थित तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर का सारा आर्थिक लेनदेन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. तृणमूल की एक पत्रिका के अकाउंट से संबंधित लेनदेन का प्रभार भी उन्हीं के दायित्व में है.
इसके कारण सीबीआइ की टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि मुख्यमंत्री द्वारा बनायी गयी पेंटिंग जब बिके, तो उनसे मिलने
वाले रुपये किन-किन अकाउंट में जमा हुए. उन रुपयों का क्या हुआ, इसके अलावा पेंटिंग किसने खरीदी.
उन लोगों ने कैसे रुपये चुकाये. तृणमूल की पत्रिका के अकाउंट में कहां से रुपये आते थे और किन-किन जगहों से आते थे. सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक, उन्हें कुछ कागजातों के साथ सीबीआइ दफ्तर बुलाया गया है, जिसमें उनके व उस पत्रिका के बैंक अकाउंट से संबंधित कागजात भी शामिल हैं.
डेरेक ओ ब्रायन को सीबीआइ ने भेजा नोटिस
सारधा चिटफंड मामले की जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने जहां एक तरफ माणिक मजूमदार से पूछताछ की, वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद डेरेक ओ ब्रायन के घर नोटिस भेजा है. हालांकि अभी संसद के बजट सत्र में हिस्सा लेने के लिए डेरेक दिल्ली में हैं.
लिहाजा उनके घर पर नहीं होने के कारण कोई नोटिस नहीं लिया और सीबीआइ को वापस लौटना पड़ा. इस बारे में दिल्ली में डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि इससे पहले सीबीआइ की तरफ से भेजा गया नोटिस मुझे मिला था, लेकिन उस समय भी दिल्ली में काम के सिलसिले में मैं व्यस्त था. गुरुवार को फिर से नोटिस भेजे जाने की जानकारी उन्हें नहीं है.
राजनीति से प्रेरित: तृणमूल कांग्रेस
इधर, सीबीआइ के इस कदम को तृणमूल कांग्रेस राजनीति से प्रेरित बता रही है. उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ममता बनर्जी ने अपनी सभा में चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग सीबीआइ का डर दिखाकर हमें डराना चाहते हैं वह यह न भूलें कि हम डरने वालों में नहीं हैं. हमारे पास भी पुलिस और सीआइडी है. बावजूद इसके हमलोग उसका बेजा इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं.