कोलकाता : सेंट्रल स्टैटिस्टिक ऑर्गेनाइजेशन व इंटरनेशल मानेटरी फंड के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज गति से विकास करनेवाली अर्थव्यवस्था है. आनेवाले 10-15 सालों में भारत दुनिया की तीन सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था वाले देशों की सूची में शामिल हो सकता है.
ये बातें बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित इकोनॉमिक कॉन्कलेव 2018 में वक्ताओं ने कहीं. इस संगोष्ठी का उद्घाटन बंधन बैंक के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर घोष ने किया.
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार सर्विस इंडस्ट्री है. एपल, माइक्रोसॉफ्ट, व्हाट्सऐप व फेसबुक से लेकर नामचीन कंपनियां भारत के सेवा क्षेत्र पर निर्भर हैं. बंगाल चेंबर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देव ए मुखर्जी ने बताया कि वर्ष 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था पांच ट्रिलियन डॉलर की हो जायेगी.
इसके साथ ही उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र के योगदान पर चर्चा की. कार्यक्रम में बजाज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एमडी व सीइओ तरुण चुघ ने कहा कि डिजिटाइजेशन का भारत की अर्थव्यवस्था पर काफी प्रभाव पड़ा है.
खासकर बैंकिग के क्षेत्र में इस तकनीक से काफी उम्मीदें हैं. कार्यक्रम के अन्य विशिष्ट वक्ताओं में कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रो. नवीनानंदा सेन, डॉ पार्थ आर दासगुप्ता, सुमोलींद्रा घोष, डॉ सुमन मुखर्जी, प्रो अभिजित्वा राय चौधरी आदि शामिल थे.
