मालदा : उत्तर बंगाल के साथ दक्षिण बंगाल का सड़क संपर्क और सुदृढ़ करने के लिए फरक्का में गंगा नदी पर एक और पुल के निर्माण का फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने लिया है. पांच किलोमीटर लंबे इस पुल के लिए 521 करोड़ 20 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं. जमीन भी मिल गयी है. इसी वित्तीय वर्ष में पुल निर्माण का काम शुरू कर दिया जायेगा. तीन साल में नया पुल बनना है.
एनएचएआइ के एक अधिकारी ने बताया कि फरक्का बैरेज पुल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. 1972 में बैरेज पर चार लेन का पुल बनना था. लेकिन बाद में दो लेन का ही पुल बना. एनएचएआइ बाकी दो लेन भी बढ़ाना चाहता है, लेकिन इस पर फरक्का बैरेज प्रबंधन को आपत्ति है. इस पुल को बने 46 साल हो चुके हैं.
ऐसे में बैरेज प्रबंधन और दो लेन बढ़ाकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है. इस आपत्ति के बाद एनएचएआइ के दूसरा पुल बनाने का फैसला लिया. इसका ठेका चीन की एक कंपनी को मिला है जिसमें एक भारतीय कंपनी सहायक के रूप में काम करेगी. एनएचएआइ के मालदा के प्रोजेक्ट निदेशक दिनेश कुमार हांसरिया ने बताया कि जिस कंपनी को ठेका दिया गया है, उसके पास देश-दुनिया में बड़े-बड़े पुल बनाने का अनुभव है.
नया पुल फरक्का बैरेज से 500 मीटर की दूरी पर बनेगा. इस बीच, फरक्का में ठेकेदार कंपनी का कार्यालय बन गया है. अब बस काम शुरू होना बाकी है. 90 फीसदी जमीन का अधिग्रहण पूरा हो गया है. बाकी 10 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण भी जल्द ही पूरा हो जायेगा.
