सार्वजनिक जगहों पर घूमनेवाले अज्ञात लोग सुरक्षा के लिए खतरा !

कोलकाता : स्टेशनों व बाजारों या फिर अन्य सार्वजनिक स्थान हो, स्टेशनों, बाजारों या अन्य किसी सार्वजनिक जगहों में घूमने वाले अज्ञात लोग सुरक्षा के लिये खतरा तो नहीं हैं? इन लोगों में नशेड़ी, भिखारी, पागल, आवारा या अन्य भी हो सकते हैं. सुरक्षा पर सवाल इसलिए है कि ऐसे कई लोगों की पहचान को […]

कोलकाता : स्टेशनों व बाजारों या फिर अन्य सार्वजनिक स्थान हो, स्टेशनों, बाजारों या अन्य किसी सार्वजनिक जगहों में घूमने वाले अज्ञात लोग सुरक्षा के लिये खतरा तो नहीं हैं? इन लोगों में नशेड़ी, भिखारी, पागल, आवारा या अन्य भी हो सकते हैं. सुरक्षा पर सवाल इसलिए है कि ऐसे कई लोगों की पहचान को लेकर पुलिस व प्रशासन के पास पुख्ता या पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है.
गत वर्ष देश के कुछ हिस्सों में ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान भी चलाया गया था. मुंबई में वडाला लोहमार्ग थाना इलाके में भी ऐसा ही अभियान चलाया गया था. वहां किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने के लिये पुलिस को भिखारियों व नशेड़ियों के इस्तेमाल किये जाने की भनक मिली थी. अभियान बड़े पैमाने पर चलाया गया था और करीब 18 लोगों को पकड़ा गया था. इनमें से 14 की पहचान तो हो गयी,जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया. लेकिन चार ऐसे लोग थे, जिन्हें अदालत ने होम मेें रखने का आदेश दिया था.
कई घटनाओं पर गौर किया जाये, तो महानगर समेत निकटवर्ती कई जिलों से कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) द्वारा कई आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ऐसे मामलों से इस बात को पूरी तरह से खारिज नहीं की जा सकती कि राज्य में आतंकियों की गतिविधि नहीं है.
हालांकि राज्य की पुलिस किसी भी अप्रिय घटना पर अंकुश के लिए पूरी तरह से सजग है, लेकिन इस आशंका को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता है कि आतंकी संगठन व अपराधी अपने मंसूबे पूरा करने के लिये भिखारी, नशेड़ी या सार्वजनिक इलाकों में घूमनेवाले अज्ञात या अपरिचित लोगों का इस्तेमाल ना करे.
संभावना तो यह भी है कि ऐसे भिखारी (महिलाएं व बच्चे भी हो सकते हैं), नशेड़ी जिनके पास सटीक पहचान नहीं हैं, वे आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं. केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार अन्य राज्यों की तुलना मेें पश्चिम बंगाल में भिखारियों की तादाद ज्यादा है.सूत्रों की माने तो कई भिखारियों, पागलों व नशेड़ियों की पहचान उपलब्ध नहीं है. संभवत: वे ही सुरक्षा को लेकर प्रश्न बने हुए हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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