कोलकाता : प्रदेश भाजपा के कई दिग्गजों के खिलाफ गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. पश्चिम बंगाल भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने बेहला महिला थाने में शिकायत दर्ज करायी है. 21 अगस्त को दर्ज इस मामले में पुलिस हरकत में आ गयी है. खबर है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी अमलेंदु चट्टोपाध्याय को दिल्ली में गिरफ्तार भी कर लिया है, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण उनको एम्स में भर्ती करना पड़ा.
इस वजह से कोलकाता पुलिस उनको ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता नहीं ला पा रही है. अन्य आरोपियों में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाशजी व संघ में दक्षिण बंगाल के प्रांत प्रचारक विद्युत गांगुली को नामजद आरोपी बनाने के साथ अन्य लोग भी शामिल रहे हैं, कह कर एफआईआर किया गया है. कोलकाता पुलिस के इस कार्रवाई से प्रदेश भाजपा के नेताओं में दहशत का माहौल है.
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पीड़ित महिला का आरोप है कि पूर्व संगठन महामंत्री अमलेंदु चट्टोपाध्याय शादी का आश्वासन देकर उसके साथ सहवास करते थे. इसके अलावा अन्य आरोपी भी उसका शोषण करने, डराने-धमकाने व साजिश रचने के साथ विश्वास भंग करने जैसे अपराध में शामिल थे.
इस मामले में पीड़ित महिला का आरोप है कि वह बार-बार इस मुद्दे पर न्याय की गुहार लगाते हुए वरिष्ठ नेताओं के पास फरियाद लेकर गयी थी. लेकिन हर कोई उसका विश्वास भंग किया. थक हारकर वह कानून का सहारा ले रही है. पीड़िता के एफआइआर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दिल्ली से अमलेंदु चट्टोपाध्याय को 17 सितंबर को गिरफ्तार करने का दावा किया है. लेकिन वह फिलहाल इलाज के लिए एम्स में भर्ती है.
भाजपा की ओर से इस बारे में प्रतिक्रिया लेने के लिए जब बंगाल के प्रभारी कैलाश विजय वर्गीय व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष से उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो घंटी बजती रही किसी ने फोन नहीं उठाया. जबकि शिवप्रकाशजी का मोबाइल फोन स्वीच आफ बता रहा था. इसके अलावा प्रदेश भाजपा के अन्य नेताओं से जब इस बात की प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो हर कोई कन्नी काट गया.
हालांकि नाम नहीं छापने की शर्त पर लोग इसे ममता सरकार के बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, ताकि इस एफआईआर के सहारे वे लोग प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकें. इनका यह भी कहना था कि यह बंगाल की गंदी राजनीति का नंगा उदाहरण है.
इस मामले में कोलकाता पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद उसे दिल्ली में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन गिरफ्तारी के बाद से उसकी तबीयत खराब होने के कारण उसका दिल्ली के स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है. उसके स्वस्थ होने के बाद उसे स्थानीय कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जायेगा.
