गणतांत्रिक अधिकार छीन रही सरकार
कोलकाता : राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी अब इतना डर चुकी है कि वह लोगों से उनका गणतांत्रिक अधिकार तक छीनने में तुली हुई है. अब तो यहां फिल्मों के प्रसारण पर भी रोक लगा रही है. राज्य सरकार के इस कार्रवाई के खिलाफ लोगों को सामने आना होगा और इसका विरोध करना होगा. ये बातें शनिवार को कोलकाता के पूर्व मेयर विकास रंजन भट्टाचार्य ने महानगर में आयोजित कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कहा कि सुदीप्त दे ने ‘शिर्शेदुर डायरी’ के नाम से फिल्म बनायी है.
इस फिल्म को केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने भी प्रसारण की अनुमति दी है, लेकिन राज्य सरकार इसे यहां रिलीज नहीं होने दे रही है. यह फिल्म वामपंथियों के संग्राम को लेकर बनी है, जिसमें यहां की यथार्थ स्थिति दर्शायी गयी है. हालांकि सेंसर बोर्ड ने भी कुछ हिंसक दृश्यों व कुछ संवाद को हटा कर फिल्म को प्रदर्शित करने के लिए हरी झंडी दे चुकी है, लेकिन राज्य सरकार इसे प्रदर्शित होने नहीं दे रही है.
मौके पर यादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र ने कहा कि उन्होंने एक सोशल नेटवर्किग साइट पर एक काटरून लोड किया था, जिसका खामियाजा उनको जेल जाकर चुकाना पड़ा था. राज्य सरकार की इस प्रकार की कार्रवाई यह साबित करती है कि सरकार यहां के लोगों को खुले सांस में जीने नहीं देना चाहती. इस मौके पर फिल्म के निर्देशक सुदीप्त दे, निर्देशक राजा सेन सहित अन्य गणमान्य लोगों ने राज्य सरकार के इस रवैये का विरोध किया.
