कोलकाता : राज्य के खाद्य व आपूर्ति मामलों के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने आरोप लगाया कि असम के एनआरसी प्रारूप में वर्षों से असम में रह रहे मतुआ संप्रदाय के असंख्य लोगों को शामिल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि वे लोग काफी लंबे समय से असम में रह रहे हैं और उनके पास वैद्य फोटो पहचान पत्र हैं. कई सरकारी नौकरी कर रहे हैं.
विरोध में आज उत्तर 24 परगना में होगा रेल-सड़क अवरोध
उन्होंने कहा कि एनआरसी पर अखिल भारतीय मतुआ महासंघ ने गहरी चिंता जतायी है. मतुआ संप्रदाय की सुप्रीमो वीमापानि ठाकुर तथा तृणमूल कांग्रेस की सांसद ममता ठाकुर ने अपनी चिंता से तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी व राज्य सरकार को अवगत कराया है. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ एक अगस्त को मतुआ संप्रदाय द्वारा उत्तर 24 परगना व बंगाल के अन्य भागों में मतुआ महासंघ द्वारा रेल व रोड अवरोध किया जायेगा. यह अवरोध सुबह नौ बजे से 10 बजे तक होगा.
इसके साथ ही उत्तर 24 परगना जिलाधिकारी को शाम तीन बजे ज्ञापन दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र व असम की भाजपा सरकार राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए एनआरसी का इस्तेमाल कर रही है. दूसरी ओर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने श्री मल्लिक के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वाम मोरचा व तृणमूल कांग्रेस ने मतुआ संप्रदाय के भावनाओं से खिलवाड़ किया गया है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है.
