कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की ओर से 21 जुलाई को आयोजित होनेवाली शहीद दिवस सभा के मद्देनजर मेट्रों में यात्रियों की भारी भीड़ की संभावना है. ऐसे में मेट्रो रेलवे ने समूची सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया है, ताकि उस दिन किसी भी अप्रिय घटना को ट्रेन, प्लेटफॉर्म या स्टेशन परिसर में रोका जा सके.
कुल 350 आरपीएफ कर्मियों को विभिन्न मेट्रो स्टेशनों में सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक तैनात किया जायेगा. अन्य दिनों में करीब 250 स्टाफ तैनात रहते हैं. 21 जुलाई 104 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी रहेंगे, जिन्हें 14 अलग-अलग मेट्रो स्टेशनों में तैनात किया जायेगा. इसके अलावा सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक स्पेशल स्क्वाड मुस्तैद रहेगा. तीन महिला अधिकारी व 10 महिला कॉन्सटेबल तैनात रहेंगे और वह विभिन्न मेट्रो स्टेशनों में भ्रमण करते हुए नजर रखेंगे.
21 की सभा में तृणमूल सांसदों की मौजूदगी पर संशय
कोलकाता. 21 जुलाई को शहीद दिवस की सभा 25 साल पूरा करेगी. हर साल इस दिन को तृणमूल कांग्रेस बड़े पैमाने पर मनाती है, लेकिन इस बार की सभा में सांसदों की मौजूदगी को लेकर संशय खड़ा हो गया है. वजह है संसद में पेश अविश्वास प्रस्ताव. लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 20 जुलाई का दिन मुकर्रर किया है.
ऐसे में प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेने और वोट देने के दौरान जो वक्त लगेगा. उसके बाद दूसरे दिन दिल्ली से कोलकाता पहुंचकर सभा स्थल तक पहुंचने में काफी संशय दिख रहा है. हालांकि ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि संसद को अग्राधिकार देना होगा.सूत्रों के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष से 21 जुलाई की सभा का हवाला देते हुए चर्चा के लिए दिन बढ़ाने या फिर पहले करने की अपील की थी, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया. ऐसे में खबर है कि जो सांसद कोलकाता नहीं पहुंच पायेंगे वह दिल्ली में ही अपने स्तर पर शहीद दिवस की सभा करेंगे और शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे.
