ठंड के मौसम में होनेवाली इस सभा में शामिल होंगे भाजपा विरोधी दल
कोलकाता : शहीद दिवस की सभा की तैयारी में अपनी पूरी ताकत झोंकनेवाली तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई के बाद अपना पूरा ध्यान ठंढ के मौसम में होनेवाली ब्रिगेड की सभा पर लगायेगी. तृणमूल कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ममता बनर्जी, फेडरल फ्रंट के गठन की दिशा में शुरू से ही सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
इस कड़ी में वह सभी विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर एक आम राय बनाने की तैयारी कर रही हैं. कर्नाटक चुनाव में भाजपा को रोकने के लिए ममता बनर्जी की सक्रियता जगजाहिर है. एेसे में ममता बनर्जी भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर का चेहरा बनकर उभर रही हैं.
मिली जानकारी के अनुसार जहां जो पार्टी ताकतवर है वहां बाकी उसके नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे ताकि भाजपा विरोधी वोटों को अपनी ओर किया जाये. ममता बनर्जी इसी फार्मूले को लेकर आगे बढ़ रही हैं.
उनकी इस भूमिका को भाजपा विरोधी खेमे के चेहरे के रूप में देखा जा रहा है. भाजपा के खिलाफ अभियान चलाने में ममता को नया मुद्दा मिला है मिशनरीज ऑफ चैरिटी का. झारखंड में निर्मल आनंद में बच्चा बेचने के मामले में कठघरे में आयी मदर टेरेसा की इस संस्था के पक्ष में उतर कर ममता ने एलान कर दिया है कि भाजपा इस समाजसेवी संस्था को काम करने से रोक रही है. इसको लेकर वह इसाई समुदाय का मन जीतना चाहती है.
हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ब्रिगेड सभा कई मायनो में खास होगी. इस सभा मेें गुजरात से हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी, ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के मुख्यमंत्री वाइआरएस रेड्डी, बिहार से तेजस्वी और उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव के अलावा कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी को इस सभा में बुलाने की योजना है.
ताकि पूरे देश को यह संदेश दिया जा सके कि भाजपा के खिलाफ मुहिम में समूचा विपक्ष एक है. इसका नेतृत्व फिलहाल ममता के हाथ में है. इससे उनकी जो इमानदार छवि है, वह लोगों में भरोसा पैदा करेगी. तृणमूल कांग्रेस इसी दिशा में आगे बढ़ रही है.
