कोलकाता : टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने जर्मन कंपनी थाइसेनक्रुप एजी के साथ संयुक्त उद्यम स्थापित करने को मंजूरी दे दी. इसके तहत दोनों कंपनियों के यूरोपीय कारोबार को मिलाकर एक संयुक्त कंपनी का निर्माण किया जायेगा. टाटा स्टील ने आज इसकी जानकारी दी. विश्व की दो प्रमुख इस्पात कंपनियों के बीच बनाने वाला यह संयुक्त उद्यम लक्ष्मी निवास मित्तल की आर्सेलर मित्तल के बाद यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी इस्पात कंपनी होगी.
टाटा स्टील ने बताया कि टाटा स्टील के निदेशक मंडल ने 50:50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाला संयुक्त उद्यम स्थापित करने की शर्तों को मंजूरी दे दी है, जिससे टाटा स्टील और थाइसेनक्रुप एजी का यूरोपीय इस्पात कारोबार एक हो जायेगा. साथ ही बाध्यकारी समझौते के प्रस्तावों को भी अपनाया है.
इससे पहले दोनों कंपनियों ने सितंबर 2017 में संयुक्त उद्यम स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये थे. कंपनी ने कहा कि बाध्यकारी समझौतों की शर्तों पर औपचारिक रूप से अमल करने का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है. उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष सितंबर में टाटा स्टील और थाइसेनक्रुप एजी ने अपने यूरोपीय इस्पात कारोबार को मिलाने और एक नया संयुक्त उद्यम स्थापित करने का एलान किया था.
