कोलकाता : भाजपा का अगला लक्ष्य पश्चिम बंगाल फतह करने पर टीकी है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बार-बार बंगाल का दौरा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे हैं. विरोधी खेमे को मात देने के लिए शाह ने बकायदा अपनी रणनीति भी बना ली है.
इसी कड़ी के तहत बंगाल से जीते गये दो लोकसभा के सांसदों को उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कराया है. इसके अलावा रूपा गांगुली और जार्ज बेकर को राज्य सभा में सांसद भी बनवाया गया है. कुल मिलाकर मिशन बंगाल को हासिल करने के लिए तीन दिवसीय बंगाल दौरे पर कोलकाता आये भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आईसीसीआर में जिला के नेताओं के साथ बैठक कर उनका अनुभव सुने. पार्टी के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिस दिन वो केरल और पश्चिम बंगाल में पार्टी का स्पष्ट बहुत हासिल कर लेगें उस दिन उनको लगेगा कि वो लक्ष्य हासिल कर लिये हैं.
तकरीबन ढाई घंटे तक चली बैठक में शाह ने जिला नेताओं से संगठन के काम काज में आ रही बाधा और उनकी समस्याओं को सुना. सूत्रों के मुताबिक मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ भी कुछ नेताओं की शिकायत सुनने के दौरान श्री शाह कुछ असहज हो गये. ज्यादातर नेताओं का कहना है कि पार्टी का कार्यक्रम पालन करने के दौरान तृणमूल कांग्रेस के गुंड़ो के हाथ भाजपा कार्यकर्ता लगातार प्रताडित हो रहे हैं. जिसे सुनकर वहीं सभा में ही मौजूद प्रदेश नेताओं को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस तरह की किसी भी घटना पर वो लोग सख्ती दिखाएं और प्रभावित कार्यकर्ता के पास खड़ा हों.
बैठक में मौजूद भाजपा के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि कई मुद्दों पर पार्टी का स्टैंड़ क्या है इस बारे में भी लोग अमित शाह से सवाल किये. पहाड़ समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की भी बात कही गयी. जीएसटी को लेकर व्यापारियों की समस्या और शिकायत को भाजपा अध्यक्ष को सुनाया गया. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस प्रशासन का दुरुपयोग कर एक तरफा चुनाव का संचालन करने का आरोप भी श्री शाह को सुनाया गया.
हावड़ा, हुगली , पूर्व मेदनीपुर, वीरभूम, उत्तर दिनाजपुर, कुचबिहार, नदिया जिला के नेताओं ने चुनाव के दौरान हुई हिंसा और आतंक की बात बोले इस पर श्री शाह ने कहा, आज मैं आप लोगों की बात सुनने के लिए आया हुं. जो लोग अपनी बात नहीं कह पाये हैं वे सभी लोग अपनी बात को लिखकर हमें दें मेरी टीम हर पत्र को गंभीरता पूर्वक पढ़ेगी और आवश्यक कार्रवाई होगी.
हालांकि आज नेताओं का आरोप अभियोग और मजबूत को उन्होंने सुना और कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए बुथ स्तर पर लगातार कार्यक्रम करने का निर्देश दिया. उनके मुताबिक अगर यह लगातार होता तो बार – बार पार्टी कार्यकर्ताओं को इस तरह की स्थित का सामना नहीं करना पड़ता. केवलसत्ता पक्ष और पुलिस की दुहाई देने से आप अपनी कमी को छूपा नहीं सकते. इसलिए जहां तक संभव हो और जनसंपर्क बढ़ाईये.
भाजपा केंद्र में है इस आत्मसंतुष्टी से कुछ होने वाला नहीं है. संगठन का विस्तार करते हुए आप सत्ता पक्ष के साथ आंख से आंख मिलाकर बात करें. क्योंकि इस राज्य के राजनीतिक समीकरण और मिजाज अन्य जगहों से अलहदा है. यहां विरोधी खेमें की राजनीति करने का मतलब है सत्ता पक्ष से मात खाना. इस हालात से रूबरू कराने के चक्कर में कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटे इसका ध्यान रखने की बात उन्होंने कही. यह तभी संभव है जब स्थानीय नेतृत्व मजबूत होगा और राज्य नेतृत्व उसका साथ देगा.
