2025 में आठ प्रतिशत की दर से बढ़ेगा भारतीय कंटेनर कार्गो सेक्टर

लंबे समय तक लालसागर संकट के जोखिम के बावजूद, वित्त वर्ष 2025 में कंटेनर वॉल्यूम आठ प्रतिशत बढ़कर 342 एमएमटी होने की उम्मीद है.

कोलकाता. लंबे समय तक लालसागर संकट के जोखिम के बावजूद, वित्त वर्ष 2025 में कंटेनर वॉल्यूम आठ प्रतिशत बढ़कर 342 एमएमटी होने की उम्मीद है. ऐसी ही जानकारी केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के माध्यम से दी गयी है. बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026 में जेएनपीटी के साथ डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के प्रस्तावित कनेक्शन के साथ-साथ बंदरगाहों द्वारा क्षमता वृद्धि से मध्यम अवधि में कंटेनर वॉल्यूम में वृद्धि होने की उम्मीद है. केयरएज रेटिंग्स को उम्मीद है कि घरेलू कोयला उत्पादन में वृद्धि के कारण कोयले के आयात में तीन-चार प्रतिशत की अनुमानित गिरावट के बावजूद, बंदरगाहों पर कोयला कार्गो वित्त वर्ष 2024 से 2026 तक दो-तीन प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ेगा. इस संबंध में केयरएज रेटिंग्स के निदेशक मौलेश देसाई ने कहा कि तटीय कार्गो की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 के 34 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 तक 42 प्रतिशत होने की उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >