संवाददाता, हावड़ा . जिले के शहरी इलाकों के साथ-साथ पंचायत इलाकों में भी अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है. आरोप है कि जिला परिषद से शिकायत किये जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. मालूम रहे कि वर्ष 2016 में तत्कालीन पंचायत मंत्री दिवंगत सुब्रत मुखर्जी ने पंचायत इलाके में अवैध निर्माण रोकने के लिए नया कानून बनाया था. इसके तहत पंचायत इलाकों में दो मंजिला से ऊंची इमारत बनाने के लिए जिला परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया था. लेकिन पंचायत इलाकों में यह कानून फाइलों में ही सिमट कर रह गया. जानकारी के अनुसार, आंदुल, डोमजूर, आमता सहित ग्रामीण हावड़ा की अन्य जगहों पर हाल के दिनों में बहुमंजिली इमारतों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. आंदुल में पांच मंजिला आवासीय भवन बना है. इसे रोकने के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गुहार लगायी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. डोमजूर थाना अंतर्गत कई पंचायत इलाकों में पांच से सात मंजिला तक अपार्टमेंट बनाये गये हैं. इस बारे में पूछे जाने पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष अजय भट्टाचार्य ने कहा कि यह सही है कि नये अधिनियम के तहत पंचायत इलाकों में दो मंजिला से ऊंची इमारत बनाने के लिए जिला परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन कई जगहों पर इस नियम की अनदेखी हो रही है. शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है.
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