शिक्षकों से नियुक्ति की वैधता का दस्तावेज मांग अपमानित कर रही सरकार : सुकांत

बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री मजूमदार ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार राज्य के शिक्षकों से नियोजन की वैधता का दस्तावेज मांग कर उन्हें अपमानित करने का प्रयास कर रही है.

कोलकाता.प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार के उस फैसले पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है, जिसमें राज्य सरकार ने शिक्षकों से अपने आप को योग्य साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे हैं. बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री मजूमदार ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार राज्य के शिक्षकों से नियोजन की वैधता का दस्तावेज मांग कर उन्हें अपमानित करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार योग्य अभ्यर्थियों की गर्दन पर बंदूक रखकर अयोग्य अभ्यर्थियों को वैतरणी पार कराने का प्रयास कर रही है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि एसएससी ने स्वयं अदालत में बताया कि लगभग 8,000 अयोग्य शिक्षक हैं. इन अयोग्यों को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में लगभग 1,30,000 शिक्षकों को प्रताड़ित व अपमानित किया जा रहा है. राज्य शिक्षा विभाग के माध्यम से उनसे दस्तावेज मांगे गये हैं. राज्य की गाइडलाइन के मुताबिक, यहां के सभी शिक्षकों को 27 मई तक रोजगार संबंधी सभी दस्तावेज जिला विद्यालय निरीक्षक के पास जमा कराने होंगे. उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने 30-35 साल पहले नियोजित हुए शिक्षकों से भी दस्तावेज मांगे गये हैं. इसका मतलब क्या है? राज्य शिक्षा विभाग और एसएससी बार-बार योग्य और अयोग्य को मिलाने या योग्य की गर्दन पर बंदूक रखकर अयोग्य को पास करने की कोशिश क्यों कर रही है? कुछ शिक्षक जो कुछ ही दिनों में सेवानिवृत्त हो जायेंगे, उन्हें भी यह दस्तावेज जमा करना होगा. सुकांत मजूमदार ने सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के पास यह जानकारी होनी चाहिए. एसएससी के पास अनुशंसा पत्र होना चाहिए. राज्य में 30 साल पहले एसएससी बनायी ही नहीं गयी थी. उस समय समिति के माध्यम से काम होते थे. समिति ने अंतर्देशीय पत्र द्वारा नियुक्ति पत्र भेजा था. अब उस पत्र की तलाश की जा रही है. उन्होंने कहा कि अगर कोई अक्षम है, तो इसकी जांच करायी जाये. सुकांत मजूमदार का दावा है कि तृणमूल गंदी राजनीति कर रही है. अगर वाममोर्चा कार्यकाल के दौरान नियुक्ति में भ्रष्टाचार हुआ है, तो उन्हें पकड़ें. लेकिन आप अब तक क्या कर रहे थे? आपने सवाल क्यों नहीं किया? जो लोग माकपा के साथ थे, उनमें से कई आपकी पार्टी में हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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