ED Raid in Bengal : पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी, इन लोगों के ठिकानों पर पहुंची टीम

ED Raid in Bengal : ईडी ने पश्चिम बंगाल में कोयले के ‘अवैध’ खनन और परिवहन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापे मारे हैं.

ED Raid in Bengal : जांच एजेंसी ईडी ने पश्चिम बंगाल में कोयले के ‘अवैध’ खनन और परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन केस) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की. जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दुर्गापुर जिला के विभिन्न शहरों में ईडी की ओर से सर्च अभियान शुरू होने से खलबली मच गई.

ईडी अधिकारियों की टीम सुबह दुर्गापुर के सेपको टाउनशिप निवासी कारोबारी प्रबीर दत्ता, अंबुजा निवासी पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल, पाण्डेश्वर निवासी शेख मयजुल, कॉकसा के हसन शेख के अलावा कई इलाको में सर्च ऑपरेशन चला रही है. ख़बर लिखे जाने तक कई और इलाको में अभियान चलने की खबर आई है. सूत्रों की माने तो  ईडी अधिकारी संबंधित घर में घुसकर अलग-अलग डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं. सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर के बाहर सेंट्रल फोर्स तैनात की गई है.

इन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी

अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि राज्य पुलिस अधिकारी मनोरंजन मंडल से संबंधित परिसरों सहित लगभग 10 परिसरों की धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत तलाशी ली जा रही है. यह मामला जांच एजेंसी द्वारा जांच किए जा रहे एक अन्य कथित कोयला घोटाला मामले से अलग है, जिसमें एजेंसी ने पिछले महीने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श कंपनी ‘आई-पैक’ के परिसर पर छापा मारा था.किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता, मिर्जा एच बेग समेत कुछ लोगों के घरों पर छापेमारी की जा रही है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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