Dilip Ghosh : दुर्गापुर में तृणमूल व बीजेपी में हुई झड़प, दिलीप घोष को लगे 'गो बैक के नारे'

Dilip Ghosh : दिलीप घोष ने केंद्रीय एजेंसी पर लगे हमले के आरोपों पर कहा, 'कुछ नहीं कर सकते. यह केंद्र सरकार अपराधियों को बाहर निकालेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करेगी.

दुर्गापुर, अविनाश यादव : पश्चिम बंगाल के बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र (Lok Sabha constituency) से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष सोमवार सुबह जैसे ही दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाना क्षेत्र के फुलझर मोड़ पर पहुंचे. तभी कुछ लोग दिलीप घोष को देख ‘गो बैक के नारे’ लगाने लगे. तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर दिलीप घोष को देखकर ‘गो बैक के नारे’ लगाने का आरोप है. तृणमूल और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. दिलीप घोष को सेंट्रल आर्मी के जवान मौके से ले गए. दोनों गुटों के बीच झड़प को रोकने के लिए दुर्गापुर न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस को भी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. बाद में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर धरना दिया.

केंद्र सरकार अपराधियों को निकालेगी बाहर

कथित तौर पर दिलीप घोष पर नारे लगाने वालों ने कहा कि वे केंद्र सरकार की दिलीप घोष से शिकायत करने आये थे. लेकिन बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उनसे बात नहीं करना चाहते थे. वहीं दिलीप घोष ने केंद्रीय एजेंसी पर लगे हमले के आरोपों पर कहा, ‘कुछ नहीं कर सकते. यह केंद्र सरकार अपराधियों को बाहर निकालेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करेगी.

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डोला सेन ने दिलीप घोष पर किया पलटवार

डोला सेन ने नई दिल्ली रवाना होने से पहले हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा, ”भारतीय जनता पार्टी हमारे खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. जिस तरह से राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) काम कर रहे हैं तथा टीएमसी नेताओं को निशाना बना रहे हैं वह शर्मनाक है. हम निर्वाचन आयोग से सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का अनुरोध करेंगे.टीएमसी ने रविवार को, चुनाव से पहले एनआईए और भाजपा के बीच मिलीभगत होने का आरोप लगाया था़ लेकिन जांच एजेंसी ने इन आरोपों से इनकार किया और पूरे विवाद को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया.

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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