किशोरी की हो रही थी जबरन शादी बीएसएफ के एएचटीयू यूनिट ने रोकी

102वीं बटालियन की टीम ने स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से एक नाबालिग लड़की की जबरन हो रही शादी को रोक दिया.

संवाददाता, कोलकाता.

बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के एंटी ह्यूमेन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) के अंतर्गत काम करनेवाले 102वीं बटालियन की टीम ने स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से एक नाबालिग लड़की की जबरन हो रही शादी को रोक दिया. घटना उत्तर 24 परगना के पानीतर सीमा चौकी के निकट की है.

बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक, उन्हें सूत्रों से पता चला कि स्वरूपनगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बुरान गोबरधा गांव में एक किशोरी लक्ष्मी दास (नाम बदला गया) की जबरन शादी करायी जा रही है. इसके बाद बीएसएफ के एएचटीयू ने अंतर्गत 102वीं बटालियन के जवानों ने तुरंत बशीरहाट पुलिस को इस बारे में सूचित किया और तत्काल हस्तक्षेप की अपील की, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और बशीरहाट के प्रशासनिक प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर पानीतर (दासपारा) में विवाह स्थल पर पहुंची. वहां, टीम ने ग्रामीणों से संवाद किया गया. इसके बाद स्थिति को संभालते हुए किशोरी के परिवार से बात की. उन्हें नोटिस दिया गया कि अगर वे किशोरी की शादी करवाने का प्रयास करते हैं, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. इसके बाद परिवार के सदस्यों ने किशोरी की शादी नहीं करवाने का वादा किया.

गौरतलब है कि बीएसएफ के एएचटीयू की टीम सीमावर्ती गांवों में बाल विवाह, बाल मजदूरी और मानव तस्करी से निपटने के लिए कई गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर सेमिनार और शिक्षात्मक कार्यक्रम आयोजित करती रहती है.

जिससे सीमावर्ती समुदाय को जागरूक किया जा सके.

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