टूलू मंडल के दिहाड़ी मजदूर से पत्थर कारोबार का बेताज बादशाह बनने की पूरी कहानी

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में करोड़ों की संपत्ति के साथ पकड़े गये टुलू मंडल की कहानी हैरान करने वाली है. कभी दिहाड़ी मजदूर और ट्यूशन पढ़ाने वाला यह शख्स पत्थर कारोबार का बेताज बादशाह कैसे बन गया, जानिए पूरी दास्तान.

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के बीरभूम के मोहम्मदबाजार में 28.5 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद देश में एक नाम चर्चित हो गया है- टुलू मंडल उर्फ मोहम्मद नाजिबुद्दीन. इस शख्स के मैनेजर के घर से बरामद अकूत संपत्ति के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गयी है. पता चला है कि करोड़ों की संपत्ति का मालिक टुलू कभी दिहाड़ी मजदूर था. वह दिन में मजदूरी करता था. शाम को ट्यूशन पढ़ाता था. अचानक उसकी किस्मत बदली और करोड़ों का मालिक बन गया.

दिन में मजदूरी, शाम को ट्यूशन... फिर बदली किस्मत

स्थानीय लोग बताते हैं कि करीब ढाई दशक पहले टूलू मंडल बेहद साधारण व्यक्ति था. दिन भर पत्थर खदानों में मजदूरी करता था. शाम को साइकल से घूम-घूमकर गांवों में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का खर्च चलाता था. बाद में उसने पत्थर ढुलाई का ठेका लेना शुरू किया. धीरे-धीरे कुछ ट्रक खरीदे और परिवहन के कारोबार में उतर गया. इसके बाद उसकी किस्मत बदल गयी.

पत्थर कारोबार का बनाया साम्राज्य

पश्चिम बंगाल में वामपंथी सरकार का पतन हुआ. राज्य में सत्ता बदली. इसके बाद मोहम्मद बाजार के पत्थर कारोबार में भी तेजी आ गयी. इसी दौरान टूलू मंडल ने अपना प्रभाव बढ़ाया और पत्थर कारोबार में मजबूत पकड़ बना ली. वर्ष 2016 के बाद उसे पत्थर खदानों से जुड़े टोल गेट और डीसीआर (चालान व्यवस्था) के संचालन की जिम्मेदारी मिली और उसका कारोबार दिन दूनी रात चौगुनी तेजी से बढ़ने लगा. वह जिले के सबसे प्रभावशाली कारोबारियों में गिना जाने लगा.

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जाली डीसीआर का आरोप

लंबे समय से उस पर आरोप लगते रहे हैं कि पत्थर कारोबार में डुप्लिकेट चालान (डीसीआर) के जरिये सरकारी राजस्व की चोरी की जाती थी. आरोप है कि इस व्यवस्था से प्रतिदिन करोड़ों रुपए का अवैध लेन-देन होता था. हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है.

पहले भी विवादों में रहा नाम

टूलू मंडल का नाम पहले भी कई विवादित मामलों में सामने आ चुका है. अवैध पत्थर खनन, राजस्व अनियमितता और अन्य मामलों में उसके किलाफ जांच हुई. वर्ष 2022 में हत्या के एक मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी. विधानसभा चुनाव से पहले न्यूटाउन में 5 करोड़ रुपए की बरामदगी मामले में भी उसका नाम आया था.

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पुलिस की जांच जारी, टूलू की तलाश तेज

मिनार मंडल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का फोकस टूलू मंडल पर है. उसके सिउड़ी स्थित आवास और मोहम्मद बाजार के पत्थर क्रशर प्लांट पर भी कार्रवाई की जा चुकी है. फिलहाल टूलू मंडल फरार है. पुलिस का कहना है कि बरामद नकदी और सोने के स्रोत, पूरे आर्थिक नेटवर्क तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है.


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By मिथिलेश झा

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