प्राइमरी स्कूल के मिड डे मील में पक रहा था मांस, सड़ांध से दर्जनों छात्र बीमार, हेडमास्टर का घेराव

बुधवार को जामुड़िया के बेलडांगा आदिवासी प्राथमिक विद्यालय में तब हंगामा मच गया, जब स्कूल में हेडमास्टर रामप्रसाद मुहुरी के लाये सड़े मांस को पकाते समय फैली बदबू से कम से कम दो दर्जन विद्यार्थी बीमार हो गये. कई बच्चों को उल्टी व सिरदर्द होने लगा.

जामुड़िया.

बुधवार को जामुड़िया के बेलडांगा आदिवासी प्राथमिक विद्यालय में तब हंगामा मच गया, जब स्कूल में हेडमास्टर रामप्रसाद मुहुरी के लाये सड़े मांस को पकाते समय फैली बदबू से कम से कम दो दर्जन विद्यार्थी बीमार हो गये. कई बच्चों को उल्टी व सिरदर्द होने लगा. घटना के बाद विद्यार्थियों के अभिभावकों ने स्कूल में आकर हेडमास्टर का घेराव किया और उन्हे तुरंत उक्त पद से हटाने की मांग की. यह घटना तब हुई, जब स्कूल में दूसरे दौर की मूल्यांकन परीक्षा चल रही थी. स्थानीय सूत्रों की मानें, तो हेडमास्टर रामप्रसाद मुहुरी स्कूल में सड़ा चिकन लाये थे, जिसे उनके कहने पर मिड-डे मील से जुड़ी महिला कर्मचारी पकाने लगी, तो पूरे स्कूल परिसर में सड़ांध फैल गयी, जिससे करीब 20 से 25 बच्चे बीमार हो गये. उनमें से कई बच्चों ने उल्टी व सिरदर्द की शिकायत की, जिससे उन्हें तत्काल घर ले जाया गया.

एक अभिभावक रेखा रुईदास ने बताया कि जब वह अपने बच्चे को छोड़ने विद्यालय आयीं, तो बदबू के बारे में पूछने पर हेडमास्टर ने इसे गैस की दुर्गंध बतायी. पर महिलाकर्मियों ने बताया कि बच्चों को खिलाने के लिए जो चिकन बनाया जा रहा है, वो सड़ा हुआ है. आरोप है कि बदबू को रोकने के लिए प्रधानाध्यापक ने रसोई-घर का गेट भी बंद कर दिया.

अभिभावकों का गुस्सा व विरोध

कई बीमार बच्चों ने घर जाकर अपने अभिभावकों को यह बात बतायी, जिसके बाद वे तुरंत स्कूल पहुंचे. उन्होंने हेडमास्टर पर बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया. अभिभावकों ने हेडमास्टर की गाड़ी भी रोक दी और नारेबाजी करने लगे. उनका कहना था कि जब तक हेडमास्टर को हटाया नहीं जाता, उनका विरोध जारी रहेगा, क्योंकि ऐसी लापरवाही बच्चों के लिए खतरा बन सकती है.

पहले भी लगे हैं आरोप

अभिभावकों का कहना है कि पहली बार हेडमास्टर रामप्रसाद मुहुरी पर ऐसे आरोप नहीं लगे हैं. इसके पहले भी उन पर अनुशासनहीनता, छात्रों से अनुचित व्यवहार करने की शिकायतें आ चुकी हैं. ताजा घटना से उनके खिलाफ असंतोष बढ़ गया है.

पुलिस व प्रशासन का हस्तक्षेप

स्कूल में हंगामे की सूचना पाते ही जामुड़िया थाना क्षेत्र के केंदा फांड़ी से पुलिस बल वहां पहुंचा और बिगड़ती स्थिति संभाली. इसके अलावा, जामुड़िया पंचायत समिति के शिक्षा कर्माध्यक्ष जगन्नाथ गोप और विद्यालय कमेटी के चेयरमैन दिनेश चक्रवर्ती भी मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की.

जांच का आश्वासन

शिक्षा कर्माध्यक्ष जगन्नाथ गोप ने कहा कि यह गंभीर मामला है, जिसकी पूरी जांच की जायेगी. उन्होंने बताया कि हर साल परीक्षा के दौरान स्कूल में मांस पकाया जाता है, पर आज का मांस सड़ा था. ऐसी अशांति से स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होती है, आज परीक्षा भी टाल दी गयी. इसलिए कड़ी कार्रवाई की जायेगी. हालांकि, उन्होंने हेडमास्टर को हटाने पर सीधे जवाब से बचते हुए कहा कि इसका फैसला विभागीय उच्चाधिकारी करेंगे. विद्यालय कमेटी के चेयरमैन दिनेश चक्रवर्ती ने आश्वस्त किया कि घटना की पूरी जांच की जायेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो.

आरोपों से हेडमास्टर का इनकार

इस बाबत पूछने पर हेडमास्टर रामप्रसाद मुहुरी ने सारे आरोपों को नकारते हुए माना कि वह बच्चों के लिए चिकन लाये थे, पर उसके सड़े होने से अनजान थे. यह भी कहा कि वह तय समय पर ही स्कूल आये थे, पर जब उनसे पूछा गया कि चिकन कहां से लाये थे, तो वह दुकानदार का नाम नहीं बता पाये. इस घटना के बाद आज होनेवाली परीक्षा टाल दी गयी. इस मामले ने शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठा दिये हैं और यह देखना बाकी है कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है. पकाते समय फैली बदबू से कई बच्चों को उल्टी व सिरदर्द होने लगा

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By Amit kumar

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