रोटीबाटी कोलियरी क्षेत्र में महिला के घर उत्पात

इसीएल की रोटीबाटी कोलियरी क्षेत्र में रहने वाली गीता भुंईया ने दो जुलाई की रात अपने घर में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने इस बाबत रानीगंज थाने में शिकायत की है. आरोप लगाया कि खुद को कोलियरी का पर्सनेल मैनेजर बतानेवाले व्यक्ति ने मदहोशी में उनके घर में घुस कर उत्पात किया.

रानीगंज.

इसीएल की रोटीबाटी कोलियरी क्षेत्र में रहने वाली गीता भुंईया ने दो जुलाई की रात अपने घर में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने इस बाबत रानीगंज थाने में शिकायत की है. आरोप लगाया कि खुद को कोलियरी का पर्सनेल मैनेजर बतानेवाले व्यक्ति ने मदहोशी में उनके घर में घुस कर उत्पात किया. घटना गत दो जुलाई की रात करीब 11:00 बजे की है. बताया कि फूलचंद केवट नामक एक व्यक्ति, जिसने खुद को ईसीएल अधिकारी बताया, उनके घर आया और जबरदस्ती घुसने की कोशिश की. जब गीता ने दरवाजा नहीं खोला, तो उसने तोड़फोड़ शुरू कर दी. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई. गीता का आरोप है कि उसने उनके बाल पकड़े और कपड़े खींचे. इतना ही नहीं, उसने उनकी लकवाग्रस्त वृद्ध माँ के साथ भी मारपीट की और घर की खिड़कियाँ व दरवाजे भी तोड़कर ले गया. उसने उन्हें अगली बार आने पर घर से बाहर निकालने की धमकी भी दी है, जिसके बाद से गीता बिना दरवाजों और खिड़कियों वाले घर में रहने को मजबूर हैं. गीता भुंईया, जो कुआरडीह कोलियरी कालीपहाड़ी, पीएस रानीगंज, जिला पश्चिम बर्धमान की निवासी हैं, ने बताया कि फूलचंद केवट गत एक जुलाई को भी 3-4 अन्य व्यक्तियों के साथ उनके घर आया था, पर तब उनके पति नहीं थे और वो डरी हुई थी, लिहाजा गेट नहीं खोला था.

गीता भुंईया का कहना है कि जिस जमीन पर उनका घर बना है, वह भले ही इसीएल की हो, पर वह घर कंपनी का क्वार्टर नहीं है, बल्कि उन्होंने खुद अपनी मेहनत से बनाया है. उन्होंने बताया कि उनके दादा-दादी के समय से ही उनका परिवार इस घर में रहता आ रहा है, इसलिए घर छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आसपास और भी घर हैं, लेकिन ईसीएल के अधिकारियों ने सिर्फ उनके ही घर को निशाना बनाया है.

इस मामले पर टीएमसी नेता सिंटु भुंईया ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि गीता भुंईया दूसरे के घरों में बर्तन मांजकर मुश्किल से अपना गुजारा करती हैं और उन्होंने बड़े संघर्ष से यह घर बनाया है, जिसे ईसीएल के अधिकारी तोड़ना चाहते हैं. सिंटू भुंईया ने कहा कि ईसीएल के अधिकारी ऐसे रात में किसी के भी घर में नहीं घुस सकते – ना ही उन्हें धमका सकते हैं.

उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर जमीन या क्वार्टर इसीएल की है, तब भी घर खाली कराने का यह तरीका नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि जब कोल इंडिया का गठन भी नहीं हुआ था, तब से ये लोग यहां रहते आ रहे हैं, ऐसे में अचानक उन्हें धमकी देकर घर खाली करने के लिए कहना अनुचित है. सिंटु भुंईया ने इस मामले को कंपनी के शीर्ष अधिकारियों तक ले जाने की बात कही है और आरोप लगाया है कि ईसीएल के अधिकारी दिन में कुर्सियों पर बैठकर ड्यूटी करते हैं, लेकिन रात में गुंडई करते हैं.दूसरी और इस विषय में फूलचंद केवट से संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर संपर्क नहीं हो पाया.

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By AMIT KUMAR

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