40 दिनों में बाल विवाह निषेध कानून के सात मामले दर्ज
बाल विवाह रोकने को लेकर सरकार के प्रयास को लग रहा है झटका, नहीं सजग हो रहे लोग
By GANESH MAHTO | Updated at :
लगातार मामला होने के बावजूद बाल विवाह पर नहीं लग रहा अंकुश, प्रशासन ने स्कूल में भी बनायी है टीम
आसनसोल. बाल विवाह रोकने को लेकर राज्य सरकार के कड़ाई के बावजूद पर इसपर अंकुश नहीं रहा, इसे पिछले 40 दिनों में सात मामले आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में दर्ज हुआ. यह आंकड़ा यह साबित कर रहा है कि बाल विवाह को लेकर लोग अभी भी जागरूक नहीं है और उन्हें कानून का भी कोई डर नहीं है. सोमवार को भी एक मामला दर्ज हुआ. जिसमें आसनसोल साउथ थाना के अवर निरीक्षक गौतम कर्मकार की शिकायत पर आसनसोल बुधा इलाके का निवासी व नाबालिग लड़की के पति रमेश दास (बदला हुआ नाम) के खिलाफ कांड संख्या 41/26 में बीएनएस की धारा 64(2)(एम) (बार-बार बलात्कार करना) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6(1) (बीस साल की सजा का प्रावधान) और बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा 9/10 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.
नाबालिग गर्भवती के अस्पताल में भर्ती होते ही पुलिस को सूचना
पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुब दास ने बताया कि किसी भी अस्पताल में (मुख्य रूप से आसनसोल जिला अस्पताल) कोई नाबालिग लड़की गर्भवती होकर पहुंचती है, तो इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन तुरन्त पुलिस को देती है. अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारी पूरे मामले की जांच करते हैं और लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर स्थानीय थाने में बीएनएस, पॉक्सो और बाल विवाह निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक जागरूकता का मुद्दा है, लोग जबतक जागरूक नहीं होंगे, तबतक यह बंद नहीं होगा. सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है, जिसके कारण कार्रवाई हो रही है और लोग डर से ही सही नियम का पालन करने को लेकर सजग हो रहे हैं.
40 दिनों में सात मामले
पिछले 40 दिनों में सात मामले आसनसोल साउथ और जामुड़िया थाना में दर्ज हुआ है. जिसमें छह मामले आसनसोल साउथ थाना में और एक मामला जामुड़िया में दर्ज हुआ है. सभी शिकायतें आसनसोल जिला अस्पताल से ही पुलिस को मिली. एक जनवरी 2026 से अबतक आसनसोल साउथ थाना में एक जनवरी, तीन जनवरी, 20 जनवरी, 27 जनवरी, 29 जनवरी और नौ फरवरी को तथा जामुड़िया थाना में सात जनवरी को दर्ज हुई. सभी मामलों में दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम की धाराएं लगी है.