आरपीएफ ने दो नाबालिग लड़कों को चाइल्डलाइन को सौंपा

संदेह होने पर आरपीएफ कर्मियों ने उनसे शालीनता से बातचीत की, जिसमें दोनों ने अपना नाम-पता बताया और यह स्वीकार किया कि वे बिना किसी को बताये अपने घर से भाग आये हैं.

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत आरपीएफ ने दिखायी तत्परता

बांकुड़ा. आरपीएफ पोस्ट बांकुड़ा की टीम ने शुक्रवार सुबह दो नाबालिग लड़कों को रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाया. बाद में दोनों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर चाइल्ड हेल्पलाइन बांकुड़ा को सौंप दिया गया.

एफओबी के पास घूमते मिले बच्चे, बातचीत में दी जानकारी

जानकारी के अनुसार, आरपीएफ द्वारा की जा रही नियमित जांच के दौरान बांकुड़ा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर स्थित नये फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के पास दो नाबालिग लड़कों को असुविधाजनक तरीके से घूमते देखा गया. संदेह होने पर आरपीएफ कर्मियों ने उनसे शालीनता से बातचीत की, जिसमें दोनों ने अपना नाम-पता बताया और यह स्वीकार किया कि वे बिना किसी को बताये अपने घर से भाग आये हैं.

आरपीएफ ने निभायी जिम्मेदारी, दी राहत और सुरक्षा

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ और किशोर न्याय अधिनियम के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चों को तुरंत बचाया गया. उन्हें बांकुड़ा आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां उन्हें जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयीं. मामले की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन बांकुड़ा और बच्चों के परिजनों को मोबाइल के माध्यम से दी गयी.

सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद दोनों नाबालिगों को आगे की देखभाल के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया.

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By GANESH MAHTO

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