कोल इंडिया की 147 खदानों की सूची तैयार, जिसमें इसीएल की दो खदानें शामिल
सीएमडी ने कहा : खदान बंद होने के बाद भी कुछ ऐसी व्यवस्था करनी है, जिससे होता रहे रोजगार सृजनआसनसोल. कोल इंडिया की कोयला खदानें बंद होने के बाद भी उस इलाके के लोगों को रोजगार का एक अवसर प्रदान करने को लेकर प्रक्रिया तेज हो गयी है. जिसे लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री ने देशभर के 51 जिला के जिलाधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे इसपर विस्तृत चर्चा की. 51 जिलों में कुल 147 बंद हो चुकी खदानों की जमीन का उपयोग कैसे करना है, उस इलाके के हिसाब से इसकी रणनीति तैयार किया जा रहा है. इसके दायरे में इसीएल के दो खदानें जामुड़िया और सेंट्रल जामुड़िया है. यहां का पूरा कोयला निकल चुका है, अब इस जमीन का उपयोग इस प्रकार करना है कि स्थानीय लोगों को नियमित कुछ आमदनी यहां से होती रही, इस परियोजना पर पूरा खर्च कोल इंडिया करेगी.
खदान बंद होने के बाद भी स्थानीय लोगों को आय का स्रोत मुहैया कराने का कार्य शुरू
इसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) सतीश झा ने कहा कि खदान बंद होने के बाद भी स्थानीय लोगों को नियमित आय का जरिया मुहैया कराने को लेकर कार्य शुरू हुआ है. इसीएल के दायरे में सिर्फ दो खदानें हैं, जहां से सम्पूर्ण कोयला निकल चुका है. क्लोजर प्लान के तहत ही खदान क्षेत्र को स्थानीय लोगों के आय के स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना रहती है. इसीएल के अनेकों खदान से कोयला निकालने के बाद वे फिलहाल बंद हैं, लेकिन पूरा कोयला सिर्फ दो खदानों से ही निकला है. यहां कोयला की आठ सीम है, कहीं तीन, कहीं चार सीम, तो कहीं पांच सीम तक ही खनन हुआ है. यहां भविष्य में खनन हो सकती है. जामुड़िया और सेंट्रल जामुड़िया खदान पर परियोजना को लेकर जिलाधिकारी के साथ भी बैठक हुई है. बंद खदानों की जमीन पर हरियाली लगाना, फलों का बाग बनाकर किसी समूह को देना सहित अनेकों कार्य करने का प्रावधान है. जरूरत के आधार पर किया जाएगा.
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