बांकुड़ा में सियासी बयानबाजी तेज, भाजपा विधायक ने किया राष्ट्रपति शासन का दावा

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआइआर (स्पेशल इलेक्टोरल रिवीजन) में बाधा डाल रही हैं, जिससे राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो रहा है.

2026 में भाजपा को कटोरा लेकर घर-घर खदेड़ा जायेगा: तृणमूल मंत्री बीरबाहा हांसदा

ओंदा में सभा के दौरान अमरनाथ शाखा ने कहा- राज्य संवैधानिक संकट की ओर बढ़ रहा हैबांकुड़ा. ओंदा के भाजपा विधायक अमरनाथ शाखा ने शनिवार को ओंदा बस स्टैंड पर आयोजित एक सभा में दावा किया कि नवंबर 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआइआर (स्पेशल इलेक्टोरल रिवीजन) में बाधा डाल रही हैं, जिससे राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो रहा है.

विधायक ने कहा कि अगर इस प्रक्रिया में देरी हुई तो लोकतंत्र और देश की संप्रभुता को नुकसान पहुंचेगा.

ममता सरकार पर गंभीर आरोप

अमरनाथ शाखा ने उत्तर बंगाल के नागराकाटा में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि राज्य सरकार और तृणमूल के कार्यकर्ता विपक्षी नेताओं के खिलाफ हिंसक रवैया अपना रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के अधिकारियों को धमकाने और डराने का काम कर रही हैं. भाजपा विधायक ने बताया कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की अपील की है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल की शह पर मृत मतदाताओं के नाम अब भी मतदाता सूची में बने हुए हैं.

तृणमूल की प्रतिक्रिया और बढ़ता राजनीतिक तापमान

भाजपा विधायक के बयान पर ओंदा ब्लॉक तृणमूल अध्यक्ष उत्तम बिट ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार एसआइआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग के साथ पूरा सहयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर किसी मृत मतदाता का नाम सूची में है तो उसे हटा दिया जायेगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा विधायक को शायद यह जानकारी नहीं है कि धारा 356 किसी निर्वाचित सरकार पर यूं ही लागू नहीं की जा सकती.

इस बीच, जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, जिले में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है. शनिवार को भाजपा विधायक अमरनाथ शाखा की तरह ही तृणमूल की राज्य मंत्री बीरबाहा हांसदा ने भी तालडांगरा और बेलियातोर में आयोजित विजय सम्मेलन में तीखे बयान दिए. बेलियातोर के मंच से उन्होंने कहा, “मैंने वादा किया है कि 2026 में भाजपा को कटोरा लेकर घर-घर घूमना पड़ेगा.”

भाजपा नेता स्वरूप घोष ने इस बयान को लोकतांत्रिक शिष्टाचार के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह तृणमूल के सत्ता अहंकार का प्रतीक है. वहीं, तालडांगरा में बीरबाहा हांसदा ने पहले ही कहा था कि 2026 में राज्य में केवल एक पार्टी तृणमूल और एक नेता ममता बनर्जी होंगी. उन्होंने यह भी जोड़ा कि भविष्य में भाजपा को झंडा बांधने के लिए एक भी खंभा नहीं मिलेगा. मंत्री के इन बयानों पर राजनीतिक हलकों में आलोचना का तूफान मचा हुआ है.

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Published by: Ganesh mahto

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