दुर्गापुर बैराज से छूटा 2.5 लाख घनफुट पानी

बीते चार दिनों से शहर में हुई निरंतर बारिश के चलते शहर में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मंगलवार को बारिश थमने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है. लेकिन दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी बढ़ गयी है.

दुर्गापुर.

बीते चार दिनों से शहर में हुई निरंतर बारिश के चलते शहर में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मंगलवार को बारिश थमने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है. लेकिन दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ने से परेशानी बढ़ गयी है. बढ़ते जलस्तर को देख कर दुर्गापुर बैराज के कुल 34 में से 18 लॉक गेट खोल दिये गये हैं. मंगलवार शाम तक बैराज से दो लाख 41 हजार घनफुट (क्यूसेक) पानी छोड़ा गया है. देर रात तक छोड़े जानेवाले पानी की मात्रा बढ़ कर तीन लाख से अधिक हो सकती है. यह जानकारी देते हुए दुर्गापुर सिंचाई विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय मजूमदार ने बताया कि बैराज से रुक-रुक कर पानी छोड़ने का सिलसिला जारी है. यह भी बताया गया कि बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर आसपास के जिलों को अलर्ट कर दिया गया है. बैराज से भारी जलराशि छोड़े जाने से आसपास के जिलों पूर्व व पश्चिम बर्दवान, बांकुड़ा, हुगली और हावड़ा में तटीय व निचले क्षेत्रों में सैलाब के हालात बनते दिख रहे हैं. बताया गया है कि नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. मालूम रहे कि आम तौर पर बांध से डेढ़ लाख घनफुट(क्यूसेक) पानी छोड़े जाने पर आसपास के जिलों में रेड अलर्ट जारी कर दिया जाता है. कहा जा रहा है कि बंगाल के कई जिलों में सैलाब के हालात बनने की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य झारखंड के पंचेत व मैथन डैम से छोड़ी गयी भारी जलराशि है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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