बैरागी बागान के आदिवासियों को सुने बिना ही आगे बढ़ गये विधायक हरेराम
Copied link
चुनाव की आहट के साथ ही नेताओं का जनता के द्वार पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 के अधीन बैरागी बागान इलाके में सोमवार को स्थिति कुछ अलग ही नजर आयी.
जामुड़िया.
चुनाव की आहट के साथ ही नेताओं का जनता के द्वार पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 के अधीन बैरागी बागान इलाके में सोमवार को स्थिति कुछ अलग ही नजर आयी. इस बार भी तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक हरेराम सिंह के जनसंपर्क अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी समाज के लोगों ने अपना कड़ा विरोध व गुस्सा दर्ज कराया.
‘विधायक जी रुके नहीं, दर्द सुनाते तो किसे?’
इलाके की रहनेवाली मंगली हेम्ब्रम ने भरे मन व रुंधे गले से बताया कि बैरागी बागान आदिवासी बहुल मोहल्ला है, यहां 23 घर आदिवासियों के हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जब विधायक उनके बीच आयेंगे, तो वे अपनी समस्याओं को उनके सामने रखेंगे. मंगली का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने विधायक को रुक कर बात सुनने का आग्रह किया, हरेराम सिंह बिना रुके आगे बढ़ गये. ग्रामीणों की शिकायत है कि नेता बस चुनाव के समय हाथ जोड़ कर वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनता की सुध लेना भूल जाते हैं.
अधूरे वादों की लंबी फेहरिस्त
स्थानीय लोगों ने पिछले चुनाव के वादों की याद दिलाते हुए कहा कि विधायक ने उस समय इलाके में एक कम्युनिटी हॉल और जाहिर थान (मंदिर) बनवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी एक ईंट तक नहीं रखी गई. मुहल्लेवासियों ने बताया कि इलाके में पीने के साफ पानी की भारी किल्लत है, कई घरों में आज भी शौचालय नहीं हैं, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी होती है. स्थानीय पार्षद और विधायक को कई बार लिखित आवेदन देने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
आरोपों को विधायक ने नकारा
इन गंभीर आरोपों पर सफाई देते हुए विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि वे बैरागी बागान में गये थे. उन्होंने आगे कहा, हमारे अन्य कार्यकर्ता आदिवासी मोहल्ले में गये थे और उन्होंने लोगों की बातों को सुना है. मैंने भी उनके साथ बैठ कर चर्चा करने की बात कही है. मुझ पर लगाए जा रहे अनदेखी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. बैरागी बागान के लोगों का साफ कहना है कि इस बार वे केवल वादों से बहलने वाले नहीं हैं. सोमवार को विधायक के नहीं रुकने से आहत ग्रामीणों ने संकेत दिये हैं कि यदि उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले चुनाव में इसका असर नतीजों पर साफ दिखेगा.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.