पशु मालिकों की पिटाई का सरगना पारिजात गिरफ्तार

सोमवार को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश करने पर तीनों आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड में लॉकअप भेज दिया गया.

भेजे गये हवालात मुख्य आरोपी को दबोचने पर पुलिस व भाजपा विधायक का अलग-अलग दावा पुलिस बोली – धनबाद से दबोच कर लाया, लखन घरुई का दावा : पारिजात ने किया सरेंडर

दुर्गापुर. पशु मालिकों की सरेआम पिटाई के मामले में 12 दिनों के बाद घटना का मुख्य आरोपी भाजयुमो नेता पारिजात गांगुली के साथ सूरज वाल्मीकि व देवाशीष दे को आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट(एडीपीसी) की पुलिस ने दबोच लिया. सोमवार को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश करने पर तीनों आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस रिमांड में लॉकअप भेज दिया गया. उनके खिलाफ केस नंबर 101/25 के भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2)/191(3)/190/115(2)/117(2)/109(1)/303(2)/137(2)/324(4)/351(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है. सोमवार को मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी दीपक दास, वासुदेव बाद्यकर, किरण मान, प्रदीप बारुई को रिमांड पूरी होने पर फिर महकमा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

एसीपी(दुर्गापुर) सुबीर रॉय ने बताया कि पारिजात गंगोपाध्याय को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया गया. महकमा अदालत में पेश कर उसे रिमांड पर लिया गया है. मामले में पुलिस अब तक कुल 12 आरोपियों की धरपकड़ कर चुकी है. सभी भाजपा समर्थक बताये जाते हैं.

गौरतलब है कि 31 जुलाई को दुर्गापुर के कोकओवन थाना क्षेत्र में पशु मालिकों की बुरी तरह से पिटाई करने का आरोप पारिजात गांगुली व उसके साथियों पर लगा था. पिटाई के वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होते ही शहर में हलचल मच गयी थी. घटना के बाद पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कोकओवन थाने में जाकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके आधार पर केस दर्ज कर पुलिस ने मामले में आरोपियों की धरपकड़ शुरू की.

अरेस्ट या सरेंडर को लेकर बना है संशय

घटना के मुख्य आरोपी पारिजात गांगुली ने सरेंडर किया अथवा, उसे पुलिस ने धनबाद से दबोचा, इसे लेकर संशय बना हुआ है. जहां पुलिस ने कहा कि पारिजात को झारखंड के धनबाद से दबोचा गया, वहीं दुर्गापुर-पश्चिम के भाजपा विधायक लखन घरुई का दावा है कि पारिजात ने सरेंडर किया है. सोमवार को कोर्ट परिसर में पारिजात से मिलने के बाद भाजपा विधायक ने कहा कि भाजयुमो नेता गांगुली ने सरेंडर किया है. पुलिस का खुफिया-तंत्र होते हुए भी घटना के 13 दिनों बाद भी पुलिस उसे दबोच नहीं पायी. विधायक का आरोप है कि परिजात की गिरफ्तारी का बहाना बना कर पुलिस, भाजपाइयों पर जुल्म कर रही थी. ऐसा करके पुलिस भाजपाइयों का मनोबल तोड़ रही है.

इस बारे में तृणमूल कांग्रेस के विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि कौन क्या कहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. इतना है कि आरोपी गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस उसे धनबाद से गिरफ्तार कर लायी है. भाजपा विधायक के बयान पर तरस आता है. बस उन्हें संभल कर बोलना व रहना चाहिए.

क्या है मामला

31 जुलाई को पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के जेमुआ गांव के चार ग्रामीण बांकुड़ा के अशुरिया हाट से गायों को खरीद कर एक पिकअप वैन में लाद दुर्गापुर के डीपीएल कॉलोनी इलाके से जा रहे थे. तभी कुछ भाजपाइयों ने पिकअप वैन को रोक लिया और पशु मालिकों को गाय तस्कर होने का आरोप लगाते हुए बुरी तरह पीट दिया और उन्हें बांध कर उठक-बैठक भी करायी थी. आरोप है कि मारपीट में एक वृद्ध ग्रामीण लहूलुहान हो गया था. फिर उनके वाहन से गायों को बाहर निकाल कर इलाके में छोड़ दिया गया. मालिकों ने गायों को खरीदने का दस्तावेज भी दिखाया, पर आरोपी नहीं माने. जैसे ही पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ, हंगामा मच गया. मारपीट की घटना के बाद जेमुआ ग्राम के जख्मी शेख जहीरुल(55) ने कोकओवन थाने में जाकर शिकायत की थी.

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Published by: Ganesh mahto

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