निगम के िवभागों से हटायी जायेंगी आठ गाड़ियां, सालाना बचेंगे 24 लाख रुपये

आसनसोल नगर निगम में खर्च के बोझ को थोड़ा कम करने के लिए सोमवार की बोर्ड मीटिंग में बड़ा निर्णय लिया गया. मेयर विधान उपाध्याय ने बताया कि नगर निगम के विभिन्न विभागों में जिन गाड़ियों का दुरुपयोग हो रहा है, उनकी जरूरत नहीं है, इसके बावजूद उन्हें रखा गया है, ऐसी आठ गाड़ियों को विभिन्न विभागों से हटाने का निर्णय लिया गया है.

आसनसोल.

आसनसोल नगर निगम में खर्च के बोझ को थोड़ा कम करने के लिए सोमवार की बोर्ड मीटिंग में बड़ा निर्णय लिया गया. मेयर विधान उपाध्याय ने बताया कि नगर निगम के विभिन्न विभागों में जिन गाड़ियों का दुरुपयोग हो रहा है, उनकी जरूरत नहीं है, इसके बावजूद उन्हें रखा गया है, ऐसी आठ गाड़ियों को विभिन्न विभागों से हटाने का निर्णय लिया गया है. नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कटौती से सालाना 24 लाख रुपये से अधिक की बचत होगी. बोलेरो गाड़ी के 19,500 रुपये और स्कॉर्पियो के लिए 23 हजार रुपये महीने का किराया है.

आठ गाड़ी बंद होगी तो किराया ही महीने का पौने दो लाख रुपये बचेगा, इसके बाद डीजल का खर्चा अलग है. पहले एक्जीक्यूटिव रैंक के अधिकारियों को गाड़ी मिलता था. अब तो क्लर्क स्तर के कर्मचारी भी गाड़ियों का उपयोग करते हैं. जनप्रतिनिधियों में भी गाड़ियों की बौछार की गयी है. पहले की तुलना में गाड़ियों की संख्या में छह गुना तक बढ़ोतरी हुई है, जिसपर भारी भरखम खर्च आता है. देर से ही सही, लेकिन यह निर्णय निगम के हित में है. गौरतलब है कि सोमवार को नगर निगम की बोर्ड मीटिंग में कुछ अहम निर्णय लिया गया. मेयर श्री उपाध्याय ने कहा कि शिवरात्रि, होली, रोजा आदि त्योहार सामने है. इन त्यौहारों के पहले अब बोर्ड मीटिंग नहीं होगा, ऐसे में इन त्योहारों में पानी की कोई समस्या न हो इसपर विस्तृत चर्चा हुई. जमुड़िया, कुल्टी और आसनसोल के कुछ इलाकों में पानी की समस्या है, जिसे दूर करने के लिए कुल पांच परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है. जबतक कार्य पूरा नहीं हो जाता तबतक उन इलाकों में टैंकर के जरिये पानी पहुंचाया जाएगा. गर्मी के दिनों में पानी की समस्या शिल्पांचल में रहती है, जिसे दूर करने का प्रयास जारी है. सभी पार्षदों को उनके-उनके क्षेत्र की पूरी जानकारी मांगी गयी है कि कहां-कहां पानी की समस्या है. जिसके आधार पर वहां समस्या का समाधान किया जाएगा. डीवीसी द्वारा निर्धारित मात्रा में पानी नहीं छोड़ने पर भी नदी में बने वाटर प्रोजेक्ट से कम पानी मिल रहा है, जिसे लेकर डीवीसी प्रबंधन को लगातार पत्र दिया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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