रोका इसीएल के बालू खनन का कार्य

उनका कहना है कि मशीन से बालू खनन करने से नदी में काफी गहरे गड्ढे हो जा रहे हैं जिसके कारण नदी में कई लोगों की मौत हो चुकी है.

कंपनी पर लगाया झूठा वादा करने का आरोप रानीगंज. रानीगंज प्रखंड स्थित तीराट गांव के लोगों ने को बुधवार को ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (इसीएल) द्वारा स्थानीय दामोदर नदी से बालू खनन के कार्य के खिलाफ जम कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने बालू निकालने का काम रोकते हुए बालू खनन के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीन को नदी से बाहर निकाल दिया. स्थानीय लोगों में से जयराम पाल का आरोप है कि इसीएल ने नदी से बालू खनन का काम शुरू करते समय स्थानीय लोगों को रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह सिर्फ एक खोखला वादा साबित हुआ, न तो स्थानीय लोगों को रोजगार मिला और न ही ट्रांसपोर्ट का काम करते समय उन्हें कोई मौका दिया गया. ग्रामीणों की मांग है कि इस क्षेत्र के युवकों को कार्य दिया जाये. वहीं पोकलेन की बजाय हाथों से बालू खनन किया जाये. उनका कहना है कि मशीन से बालू खनन करने से नदी में काफी गहरे गड्ढे हो जा रहे हैं जिसके कारण नदी में कई लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक बालू घाट इसीएल के नाम में आवंटित किया गया है पर बालू खनन करने वाले पूरी नदी को ही इसीएल अधिग्रहित बालू घाट बताकर अवैध रूप से बालू खनन कर रहे हैं. यही नहीं जिन वाहनों से बालू लेकर कोलियरी तक ले जा रहे हैं उन वाहनों में इसीएल का कोई स्टिकर तक नहीं है. ऐसे में ये बालू लदे वाहन कोलियरी में जा रहे हैं या बालू को बाहर अवैध रूप से बेचा जा रहा है इसकी कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा की इसीएल को इन सबका प्रमाण देना होगा. साथ ही स्थानीय युवकों को रोजगार मुहैया कराना होगा तभी यहां बालू खनन का कार्य चलने दिया जायेगा.

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