आसनसोल.
पश्चिम बर्दवान जिला में सबसे रोचक मुकाबला आसनसोल नॉर्थ सीट पर होने के आसार हैं. सोमवार नामांकन जमा देने के अंतिम दिन इस सीट पर कुल 14 उम्मीदवारों का नामांकन जमा पड़ा. सबसे रोचक यह है कि आसनसोल नगर निगम वार्ड संख्या 26 के पूर्व पार्षद हाजी व तृणमूल अल्पसंख्यक सेल के पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी नसीम अंसारी उर्फ नासो ने इस सीट पर अपना नामांकन जमा दिया. वर्ष 2015 के नगर निगम चुनाव में वे निर्दल के रूप में खड़े हुए थे और तृणमूल के दबंग नेता व पार्षद कुर्बान अली को हराकर वे पार्षद बने और तत्कालीन मेयर जितेंद्र तिवारी का हाथ पकड़कर वे तृणमूल में शामिल हुए. इलाके में उनकी लोकप्रियता काफी अच्छी रही है और जुझारू नेता के रूप में जाने जाते हैं. हालांकि 2022 में नगर निगम के चुनाव में उन्हें तृणमूल की टिकट पर हार का सामना करना पड़ा. उनके चुनाव में खड़ा होने से तृणमूल उम्मीदवार मलय घटक का नुकसान होने की संभावना बढ़ गयी है. तृणमूल के वरिष्ट व राज्य स्तरीय नेता ने कहा कि लोग ममता बनर्जी को देखकर वोट देते हैं. मलय घटक के अगेंस्ट में कौन खड़ा हो रहा है या नहीं हो रहा है. इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता है.गौरतलब है चुनाव में किसी भी पार्टी का नेता बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में होता है, तो उस पार्टी के उम्मीदवार को इसका नुकसान उठाना पड़ता है. बागी नेता जो वोट पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में जुटाता, वह वोट वह अपने पक्ष में जुटाएगा. जिसे पार्टी के उम्मीदवार को काफी नुकसान होगा. श्री अंसारी का रेलपार इलाके में पकड़ काफी अच्छा है. यदि वह उम्मीदवार के रूप में मैदान में डटे रहे, तो तृणमूल को इसका नुकसान होने की संभावना प्रबल है. श्री अंसारी ने ने कहा कि इलाके में जिस विकास की बात पर वोट मांगा गया था और तृणमूल उम्मीदवार को जीत मिली थी, वह वादे पूरे नहीं हुए. यहां गुटबाजी के कारण कई नेता अलग हो गये और कुछ दूसरे पार्टी में चले गये. समस्या का समाधान नहीं हुआ.
